11 अगस्त 2025 को दोहा का चौघड़िया

सोमवार, 11 अगस्त 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

सोमवार, 11 अगस्त 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (08:04 तक), नक्षत्र शतभिषा (10:30 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:05 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 06:44 से 08:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:05 – 18:12
रात 05:06 तक
तिथि
तृतीया
नक्षत्र
शतभिषा, 10:30 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:05 – 06:44शुभ
काल06:44 – 08:22टालें
शुभ08:22 – 10:00शुभ
रोग10:00 – 11:38टालें
उद्वेग11:38 – 13:17टालें
चर13:17 – 14:55सामान्य
लाभ14:55 – 16:33शुभ
अमृत16:33 – 18:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:12 – 19:33सामान्य
रोग19:33 – 20:55टालें
काल20:55 – 22:17टालें
लाभ22:17 – 23:39शुभ
उद्वेग23:39 – 01:00टालें
शुभ01:00 – 02:22शुभ
अमृत02:22 – 03:44शुभ
चर03:44 – 05:06सामान्य

11 अगस्त 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 08:04 तक
कृष्ण तृतीया 06:11, 12 अग॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 10:30 तक
पूर्वा भाद्रपद 09:22, 12 अग॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 19:03 तक
सुकर्मा 16:23, 12 अग॰ तक
करण
गर 08:04 तक
वणिज 19:09 तक
विष्टि (भद्रा) 06:11, 12 अग॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 03:40, 12 अग॰ तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:05
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
19:42
चंद्रास्त
06:54
दिनमान
13h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:38 – 04:22
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 12:05

अशुभ समय

राहुकाल
06:44 – 08:22
यमगंड
10:00 – 11:38
गुलिक काल
13:17 – 14:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:0506:11दिन
शनि06:1107:16दिन
गुरु07:1608:22दिन
मंगल08:2209:27दिन
सूर्य09:2710:33दिन
शुक्र10:3311:38दिन
बुध11:3812:44दिन
चंद्र12:4413:49दिन
शनि13:4914:55दिन
गुरु14:5516:01दिन
मंगल16:0117:06दिन
सूर्य17:0618:12दिन
शुक्र18:1219:06रात
बुध19:0620:01रात
चंद्र20:0120:55रात
शनि20:5521:50रात
गुरु21:5022:44रात
मंगल22:4423:39रात
सूर्य23:3900:33रात
शुक्र00:3301:28रात
बुध01:2802:22रात
चंद्र02:2203:17रात
शनि03:1704:11रात
गुरु04:1105:06रात

अयनांश 24.2148° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।