13 अगस्त 2025 को दोहा का चौघड़िया

बुधवार, 13 अगस्त 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 13 अगस्त 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (01:54, 14 अग॰ तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (08:02 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:06 पर और सूर्यास्त 18:10 पर है। राहुकाल 11:38 से 13:16 तक है।

दिन और रात
दिन 05:06 – 18:10
रात 05:07 तक
तिथि
पंचमी, 01:54 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:06 – 06:44शुभ
अमृत06:44 – 08:22शुभ
काल08:22 – 10:00टालें
शुभ10:00 – 11:38शुभ
रोग11:38 – 13:16टालें
उद्वेग13:16 – 14:54टालें
चर14:54 – 16:32सामान्य
लाभ16:32 – 18:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:10 – 19:32टालें
शुभ19:32 – 20:54शुभ
अमृत20:54 – 22:16शुभ
चर22:16 – 23:38सामान्य
रोग23:38 – 01:00टालें
काल01:00 – 02:22टालें
लाभ02:22 – 03:45शुभ
उद्वेग03:45 – 05:07टालें

13 अगस्त 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 01:54, 14 अग॰ तक
कृष्ण षष्ठी 23:37, 14 अग॰ तक
नक्षत्र
रेवती 06:36, 14 अग॰ तक
योग
धृति 13:35 तक
शूलअशुभ 10:42, 14 अग॰ तक
करण
कौलव 15:01 तक
तैतिल 01:54, 14 अग॰ तक
गर 12:46, 14 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:06
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
20:50
चंद्रास्त
08:56
दिनमान
13h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:39 – 04:22
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 12:04 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:38 – 13:16
यमगंड
06:44 – 08:22
गुलिक काल
10:00 – 11:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:0606:11दिन
चंद्र06:1107:17दिन
शनि07:1708:22दिन
गुरु08:2209:27दिन
मंगल09:2710:33दिन
सूर्य10:3311:38दिन
शुक्र11:3812:43दिन
बुध12:4313:49दिन
चंद्र13:4914:54दिन
शनि14:5415:59दिन
गुरु15:5917:05दिन
मंगल17:0518:10दिन
सूर्य18:1019:05रात
शुक्र19:0519:59रात
बुध19:5920:54रात
चंद्र20:5421:49रात
शनि21:4922:44रात
गुरु22:4423:38रात
मंगल23:3800:33रात
सूर्य00:3301:28रात
शुक्र01:2802:22रात
बुध02:2203:17रात
चंद्र03:1704:12रात
शनि04:1205:07रात

अयनांश 24.2149° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।