1 सितंबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

सोमवार, 1 सितंबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

सोमवार, 1 सितंबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (00:13, 2 सित॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (17:25 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:14 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 06:49 से 08:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:14 – 17:52
रात 05:14 तक
तिथि
नवमी, 00:13 तक
दशमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 17:25 तक
मूल
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:14 – 06:49शुभ
काल06:49 – 08:24टालें
शुभ08:24 – 09:58शुभ
रोग09:58 – 11:33टालें
उद्वेग11:33 – 13:08टालें
चर13:08 – 14:43सामान्य
लाभ14:43 – 16:18शुभ
अमृत16:18 – 17:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:52 – 19:18सामान्य
रोग19:18 – 20:43टालें
काल20:43 – 22:08टालें
लाभ22:08 – 23:33शुभ
उद्वेग23:33 – 00:59टालें
शुभ00:59 – 02:24शुभ
अमृत02:24 – 03:49शुभ
चर03:49 – 05:14सामान्य

1 सितंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल नवमी 00:13, 2 सित॰ तक
शुक्ल दशमी 01:23, 3 सित॰ तक
नक्षत्र
मूल 19:21, 2 सित॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 14:01 तक
प्रीति 14:09, 2 सित॰ तक
करण
बालव 11:24 तक
कौलव 00:13, 2 सित॰ तक
तैतिल 12:53, 2 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:14
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
13:14
चंद्रास्त
23:36
दिनमान
12h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:43 – 04:29
अभिजीत मुहूर्त
11:08 – 11:58

अशुभ समय

राहुकाल
06:49 – 08:24
यमगंड
09:58 – 11:33
गुलिक काल
13:08 – 14:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1406:17दिन
शनि06:1707:20दिन
गुरु07:2008:24दिन
मंगल08:2409:27दिन
सूर्य09:2710:30दिन
शुक्र10:3011:33दिन
बुध11:3312:36दिन
चंद्र12:3613:40दिन
शनि13:4014:43दिन
गुरु14:4315:46दिन
मंगल15:4616:49दिन
सूर्य16:4917:52दिन
शुक्र17:5218:49रात
बुध18:4919:46रात
चंद्र19:4620:43रात
शनि20:4321:40रात
गुरु21:4022:37रात
मंगल22:3723:33रात
सूर्य23:3300:30रात
शुक्र00:3001:27रात
बुध01:2702:24रात
चंद्र02:2403:21रात
शनि03:2104:18रात
गुरु04:1805:14रात

अयनांश 24.2156° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।