16 सितंबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

मंगलवार, 16 सितंबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

मंगलवार, 16 सितंबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (21:52 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (03:56, 17 सित॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:20 पर और सूर्यास्त 17:36 पर है। राहुकाल 14:32 से 16:04 तक है।

दिन और रात
दिन 05:20 – 17:36
रात 05:20 तक
तिथि
दशमी, 21:52 तक
एकादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 03:56 तक
पुष्य
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:20 – 06:52टालें
उद्वेग06:52 – 08:24टालें
चर08:24 – 09:56सामान्य
लाभ09:56 – 11:28शुभ
अमृत11:28 – 13:00शुभ
काल13:00 – 14:32टालें
शुभ14:32 – 16:04शुभ
रोग16:04 – 17:36टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:36 – 19:04टालें
लाभ19:04 – 20:32शुभ
उद्वेग20:32 – 22:00टालें
शुभ22:00 – 23:28शुभ
अमृत23:28 – 00:56शुभ
चर00:56 – 02:24सामान्य
रोग02:24 – 03:52टालें
काल03:52 – 05:20टालें

16 सितंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण दशमी 21:52 तक
कृष्ण एकादशी 21:10, 17 सित॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 03:56, 17 सित॰ तक
पुष्य 04:02, 18 सित॰ तक
योग
वरीयान 22:04 तक
परिघअशुभ 20:25, 17 सित॰ तक
करण
वणिज 10:23 तक
विष्टि (भद्रा) 21:52 तक
बव 09:27, 17 सित॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 21:58 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:20
सूर्यास्त
17:36
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
14:13
दिनमान
12h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:46 – 04:33
अभिजीत मुहूर्त
11:03 – 11:53

अशुभ समय

राहुकाल
14:32 – 16:04
यमगंड
08:24 – 09:56
गुलिक काल
11:28 – 13:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2006:21दिन
सूर्य06:2107:22दिन
शुक्र07:2208:24दिन
बुध08:2409:25दिन
चंद्र09:2510:27दिन
शनि10:2711:28दिन
गुरु11:2812:29दिन
मंगल12:2913:31दिन
सूर्य13:3114:32दिन
शुक्र14:3215:34दिन
बुध15:3416:35दिन
चंद्र16:3517:36दिन
शनि17:3618:35रात
गुरु18:3519:34रात
मंगल19:3420:32रात
सूर्य20:3221:31रात
शुक्र21:3122:30रात
बुध22:3023:28रात
चंद्र23:2800:27रात
शनि00:2701:25रात
गुरु01:2502:24रात
मंगल02:2403:23रात
सूर्य03:2304:21रात
शुक्र04:2105:20रात

अयनांश 24.2162° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।