19 सितंबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

शुक्रवार, 19 सितंबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शुक्रवार, 19 सितंबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (21:07 तक), नक्षत्र मघा (05:35, 20 सित॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 17:33 पर है। राहुकाल 09:55 से 11:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 17:33
रात 05:21 तक
तिथि
त्रयोदशी, 21:07 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मघा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:21 – 06:52सामान्य
लाभ06:52 – 08:24शुभ
अमृत08:24 – 09:55शुभ
काल09:55 – 11:27टालें
शुभ11:27 – 12:58शुभ
रोग12:58 – 14:30टालें
उद्वेग14:30 – 16:02टालें
चर16:02 – 17:33सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:33 – 19:02टालें
काल19:02 – 20:30टालें
लाभ20:30 – 21:59शुभ
उद्वेग21:59 – 23:27टालें
शुभ23:27 – 00:56शुभ
अमृत00:56 – 02:24शुभ
चर02:24 – 03:53सामान्य
रोग03:53 – 05:21टालें

19 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 21:07 तक
कृष्ण चतुर्दशी 21:47, 20 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 05:35, 20 सित॰ तक
योग
सिद्ध 18:11 तक
साध्य 17:36, 20 सित॰ तक
करण
गर 08:57 तक
वणिज 21:07 तक
विष्टि (भद्रा) 09:24, 20 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
17:33
चंद्रोदय
02:56
चंद्रास्त
16:15
दिनमान
12h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:34
अभिजीत मुहूर्त
11:03 – 11:51

अशुभ समय

राहुकाल
09:55 – 11:27
यमगंड
14:30 – 16:02
गुलिक काल
06:52 – 08:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2106:22दिन
बुध06:2207:23दिन
चंद्र07:2308:24दिन
शनि08:2409:25दिन
गुरु09:2510:26दिन
मंगल10:2611:27दिन
सूर्य11:2712:28दिन
शुक्र12:2813:29दिन
बुध13:2914:30दिन
चंद्र14:3015:31दिन
शनि15:3116:32दिन
गुरु16:3217:33दिन
मंगल17:3318:32रात
सूर्य18:3219:31रात
शुक्र19:3120:30रात
बुध20:3021:29रात
चंद्र21:2922:28रात
शनि22:2823:27रात
गुरु23:2700:26रात
मंगल00:2601:25रात
सूर्य01:2502:24रात
शुक्र02:2403:23रात
बुध03:2304:22रात
चंद्र04:2205:21रात

अयनांश 24.2163° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।