2 अक्टूबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (16:41 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (06:43 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 17:19 पर है। राहुकाल 12:52 से 14:21 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 17:19
रात 05:26 तक
तिथि
दशमी, 16:41 तक
एकादशी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:26 – 06:55शुभ
रोग06:55 – 08:24टालें
उद्वेग08:24 – 09:53टालें
चर09:53 – 11:23सामान्य
लाभ11:23 – 12:52शुभ
अमृत12:52 – 14:21शुभ
काल14:21 – 15:50टालें
शुभ15:50 – 17:19शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:19 – 18:50शुभ
चर18:50 – 20:21सामान्य
रोग20:21 – 21:52टालें
काल21:52 – 23:23टालें
लाभ23:23 – 00:54शुभ
उद्वेग00:54 – 02:25टालें
शुभ02:25 – 03:55शुभ
अमृत03:55 – 05:26शुभ

2 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल दशमी 16:41 तक
शुक्ल एकादशी 16:03, 3 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 07:04, 3 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 20:58 तक
धृति 19:15, 3 अक्टू॰ तक
करण
गर 16:41 तक
वणिज 04:28, 3 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 16:03, 3 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
17:19
चंद्रोदय
14:18
चंद्रास्त
00:17
दिनमान
11h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:49 – 04:38
अभिजीत मुहूर्त
10:59 – 11:46

अशुभ समय

राहुकाल
12:52 – 14:21
यमगंड
05:26 – 06:55
गुलिक काल
08:24 – 09:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2606:25दिन
मंगल06:2507:25दिन
सूर्य07:2508:24दिन
शुक्र08:2409:24दिन
बुध09:2410:23दिन
चंद्र10:2311:23दिन
शनि11:2312:22दिन
गुरु12:2213:21दिन
मंगल13:2114:21दिन
सूर्य14:2115:20दिन
शुक्र15:2016:20दिन
बुध16:2017:19दिन
चंद्र17:1918:20रात
शनि18:2019:20रात
गुरु19:2020:21रात
मंगल20:2121:22रात
सूर्य21:2222:22रात
शुक्र22:2223:23रात
बुध23:2300:23रात
चंद्र00:2301:24रात
शनि01:2402:25रात
गुरु02:2503:25रात
मंगल03:2504:26रात
सूर्य04:2605:26रात

अयनांश 24.2168° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।