9 अक्टूबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (20:24 तक), नक्षत्र भरणी (17:32 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 17:12 पर है। राहुकाल 12:48 से 14:16 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 17:12
रात 05:29 तक
तिथि
तृतीया, 20:24 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
भरणी, 17:32 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:29 – 06:57शुभ
रोग06:57 – 08:25टालें
उद्वेग08:25 – 09:53टालें
चर09:53 – 11:20सामान्य
लाभ11:20 – 12:48शुभ
अमृत12:48 – 14:16शुभ
काल14:16 – 15:44टालें
शुभ15:44 – 17:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:12 – 18:44शुभ
चर18:44 – 20:16सामान्य
रोग20:16 – 21:48टालें
काल21:48 – 23:21टालें
लाभ23:21 – 00:53शुभ
उद्वेग00:53 – 02:25टालें
शुभ02:25 – 03:57शुभ
अमृत03:57 – 05:29शुभ

9 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 20:24 तक
कृष्ण चतुर्थी 17:08, 10 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 17:32 तक
कृत्तिका 15:01, 10 अक्टू॰ तक
योग
वज्रअशुभ 19:02 तक
सिद्धि 15:11, 10 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 10:08 तक
विष्टि (भद्रा) 20:24 तक
बव 06:44, 10 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मेष 22:53 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
17:12
चंद्रोदय
18:46
चंद्रास्त
07:45
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:51 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
10:57 – 11:44

अशुभ समय

राहुकाल
12:48 – 14:16
यमगंड
05:29 – 06:57
गुलिक काल
08:25 – 09:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2906:28दिन
मंगल06:2807:26दिन
सूर्य07:2608:25दिन
शुक्र08:2509:23दिन
बुध09:2310:22दिन
चंद्र10:2211:20दिन
शनि11:2012:19दिन
गुरु12:1913:18दिन
मंगल13:1814:16दिन
सूर्य14:1615:15दिन
शुक्र15:1516:13दिन
बुध16:1317:12दिन
चंद्र17:1218:13रात
शनि18:1319:15रात
गुरु19:1520:16रात
मंगल20:1621:18रात
सूर्य21:1822:19रात
शुक्र22:1923:21रात
बुध23:2100:22रात
चंद्र00:2201:24रात
शनि01:2402:25रात
गुरु02:2503:27रात
मंगल03:2704:28रात
सूर्य04:2805:29रात

अयनांश 24.2171° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।