5 नवंबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

बुधवार, 5 नवंबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 5 नवंबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (16:19 तक), नक्षत्र अश्विनी (07:10 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 16:50 पर है। राहुकाल 11:17 से 12:40 तक है।

दिन और रात
दिन 05:44 – 16:50
रात 05:44 तक
तिथि
पूर्णिमा, 16:19 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
भरणी, 04:04 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:44 – 07:07शुभ
अमृत07:07 – 08:30शुभ
काल08:30 – 09:54टालें
शुभ09:54 – 11:17शुभ
रोग11:17 – 12:40टालें
उद्वेग12:40 – 14:03टालें
चर14:03 – 15:27सामान्य
लाभ15:27 – 16:50शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:50 – 18:27टालें
शुभ18:27 – 20:04शुभ
अमृत20:04 – 21:40शुभ
चर21:40 – 23:17सामान्य
रोग23:17 – 00:54टालें
काल00:54 – 02:31टालें
लाभ02:31 – 04:08शुभ
उद्वेग04:08 – 05:44टालें

5 नवंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
पूर्णिमा 16:19 तक
कृष्ण प्रतिपदा 12:25, 6 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 04:04, 6 नव॰ तक
कृत्तिका 00:57, 7 नव॰ तक
योग
सिद्धि 08:58 तक
व्यतीपातअशुभ 04:34, 6 नव॰ तक
वरीयान 00:11, 7 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:14 तक
बव 16:19 तक
बालव 02:22, 6 नव॰ तक
कौलव 12:25, 6 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
16:50
चंद्रोदय
16:33
चंद्रास्त
05:19
दिनमान
11h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
10:55 – 11:39 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:17 – 12:40
यमगंड
07:07 – 08:30
गुलिक काल
09:54 – 11:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4406:39दिन
चंद्र06:3907:35दिन
शनि07:3508:30दिन
गुरु08:3009:26दिन
मंगल09:2610:21दिन
सूर्य10:2111:17दिन
शुक्र11:1712:12दिन
बुध12:1213:08दिन
चंद्र13:0814:03दिन
शनि14:0314:59दिन
गुरु14:5915:54दिन
मंगल15:5416:50दिन
सूर्य16:5017:55रात
शुक्र17:5518:59रात
बुध18:5920:04रात
चंद्र20:0421:08रात
शनि21:0822:13रात
गुरु22:1323:17रात
मंगल23:1700:22रात
सूर्य00:2201:26रात
शुक्र01:2602:31रात
बुध02:3103:35रात
चंद्र03:3504:40रात
शनि04:4005:44रात

अयनांश 24.2181° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।