10 नवंबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

सोमवार, 10 नवंबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

सोमवार, 10 नवंबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (21:38 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (16:18 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:47 पर और सूर्यास्त 16:47 पर है। राहुकाल 07:10 से 08:32 तक है।

दिन और रात
दिन 05:47 – 16:47
रात 05:48 तक
तिथि
षष्ठी, 21:38 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 16:18 तक
पुष्य
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:47 – 07:10शुभ
काल07:10 – 08:32टालें
शुभ08:32 – 09:55शुभ
रोग09:55 – 11:17टालें
उद्वेग11:17 – 12:40टालें
चर12:40 – 14:02सामान्य
लाभ14:02 – 15:25शुभ
अमृत15:25 – 16:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:47 – 18:25सामान्य
रोग18:25 – 20:02टालें
काल20:02 – 21:40टालें
लाभ21:40 – 23:17शुभ
उद्वेग23:17 – 00:55टालें
शुभ00:55 – 02:33शुभ
अमृत02:33 – 04:10शुभ
चर04:10 – 05:48सामान्य

10 नवंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 21:38 तक
कृष्ण सप्तमी 20:39, 11 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 15:48, 11 नव॰ तक
योग
साध्य 09:35 तक
शुभ 07:14, 11 नव॰ तक
करण
गर 10:26 तक
वणिज 21:38 तक
विष्टि (भद्रा) 09:02, 11 नव॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 10:33 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
16:47
चंद्रोदय
21:41
चंद्रास्त
10:53
दिनमान
11h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
10:55 – 11:39

अशुभ समय

राहुकाल
07:10 – 08:32
यमगंड
09:55 – 11:17
गुलिक काल
12:40 – 14:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4706:42दिन
शनि06:4207:37दिन
गुरु07:3708:32दिन
मंगल08:3209:27दिन
सूर्य09:2710:22दिन
शुक्र10:2211:17दिन
बुध11:1712:12दिन
चंद्र12:1213:07दिन
शनि13:0714:02दिन
गुरु14:0214:57दिन
मंगल14:5715:52दिन
सूर्य15:5216:47दिन
शुक्र16:4717:52रात
बुध17:5218:57रात
चंद्र18:5720:02रात
शनि20:0221:07रात
गुरु21:0722:12रात
मंगल22:1223:17रात
सूर्य23:1700:23रात
शुक्र00:2301:28रात
बुध01:2802:33रात
चंद्र02:3303:38रात
शनि03:3804:43रात
गुरु04:4305:48रात

अयनांश 24.2183° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।