11 दिसंबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

गुरुवार, 11 दिसंबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

गुरुवार, 11 दिसंबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (11:27 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (01:25, 12 दिस॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 16:44 पर है। राहुकाल 12:46 से 14:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 16:44
रात 06:09 तक
तिथि
सप्तमी, 11:27 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 01:25 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:09 – 07:28शुभ
रोग07:28 – 08:48टालें
उद्वेग08:48 – 10:07टालें
चर10:07 – 11:27सामान्य
लाभ11:27 – 12:46शुभ
अमृत12:46 – 14:06शुभ
काल14:06 – 15:25टालें
शुभ15:25 – 16:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:44 – 18:25शुभ
चर18:25 – 20:06सामान्य
रोग20:06 – 21:46टालें
काल21:46 – 23:27टालें
लाभ23:27 – 01:08शुभ
उद्वेग01:08 – 02:48टालें
शुभ02:48 – 04:29शुभ
अमृत04:29 – 06:09शुभ

11 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 11:27 तक
कृष्ण अष्टमी 12:27, 12 दिस॰ तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी 01:25, 12 दिस॰ तक
उत्तरा फाल्गुनी 03:20, 13 दिस॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 09:10 तक
प्रीति 08:42, 12 दिस॰ तक
करण
बव 11:27 तक
बालव 23:51 तक
कौलव 12:27, 12 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
16:44
चंद्रोदय
23:26
चंद्रास्त
11:23
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
11:05 – 11:48

अशुभ समय

राहुकाल
12:46 – 14:06
यमगंड
06:09 – 07:28
गुलिक काल
08:48 – 10:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0907:02दिन
मंगल07:0207:55दिन
सूर्य07:5508:48दिन
शुक्र08:4809:41दिन
बुध09:4110:34दिन
चंद्र10:3411:27दिन
शनि11:2712:20दिन
गुरु12:2013:13दिन
मंगल13:1314:06दिन
सूर्य14:0614:59दिन
शुक्र14:5915:51दिन
बुध15:5116:44दिन
चंद्र16:4417:52रात
शनि17:5218:59रात
गुरु18:5920:06रात
मंगल20:0621:13रात
सूर्य21:1322:20रात
शुक्र22:2023:27रात
बुध23:2700:34रात
चंद्र00:3401:41रात
शनि01:4102:48रात
गुरु02:4803:55रात
मंगल03:5505:02रात
सूर्य05:0206:09रात

अयनांश 24.2195° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।