12 दिसंबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

शुक्रवार, 12 दिसंबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शुक्रवार, 12 दिसंबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (12:27 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (03:20, 13 दिस॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 16:45 पर है। राहुकाल 10:08 से 11:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 16:45
रात 06:10 तक
तिथि
अष्टमी, 12:27 तक
नवमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 03:20 तक
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:09 – 07:29सामान्य
लाभ07:29 – 08:48शुभ
अमृत08:48 – 10:08शुभ
काल10:08 – 11:27टालें
शुभ11:27 – 12:46शुभ
रोग12:46 – 14:06टालें
उद्वेग14:06 – 15:25टालें
चर15:25 – 16:45सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:45 – 18:25टालें
काल18:25 – 20:06टालें
लाभ20:06 – 21:47शुभ
उद्वेग21:47 – 23:27टालें
शुभ23:27 – 01:08शुभ
अमृत01:08 – 02:49शुभ
चर02:49 – 04:29सामान्य
रोग04:29 – 06:10टालें

12 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 12:27 तक
कृष्ण नवमी 14:08, 13 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 03:20, 13 दिस॰ तक
हस्त 05:48, 14 दिस॰ तक
योग
प्रीति 08:42 तक
आयुष्मान 08:46, 13 दिस॰ तक
करण
कौलव 12:27 तक
तैतिल 01:13, 13 दिस॰ तक
गर 14:08, 13 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 07:50 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
16:45
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:53
दिनमान
10h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
11:06 – 11:48

अशुभ समय

राहुकाल
10:08 – 11:27
यमगंड
14:06 – 15:25
गुलिक काल
07:29 – 08:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0907:02दिन
बुध07:0207:55दिन
चंद्र07:5508:48दिन
शनि08:4809:41दिन
गुरु09:4110:34दिन
मंगल10:3411:27दिन
सूर्य11:2712:20दिन
शुक्र12:2013:13दिन
बुध13:1314:06दिन
चंद्र14:0614:59दिन
शनि14:5915:52दिन
गुरु15:5216:45दिन
मंगल16:4517:52रात
सूर्य17:5218:59रात
शुक्र18:5920:06रात
बुध20:0621:13रात
चंद्र21:1322:20रात
शनि22:2023:27रात
गुरु23:2700:34रात
मंगल00:3401:42रात
सूर्य01:4202:49रात
शुक्र02:4903:56रात
बुध03:5605:03रात
चंद्र05:0306:10रात

अयनांश 24.2195° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।