14 मार्च 2026 को दोहा का चौघड़िया

शनिवार, 14 मार्च 2026, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शनिवार, 14 मार्च 2026 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (06:47, 15 मार्च तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (02:19, 15 मार्च तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 08:43 से 10:13 तक है।

दिन और रात
दिन 05:44 – 17:42
रात 05:43 तक
तिथि
एकादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 02:19 तक
श्रवण
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:44 – 07:14टालें
शुभ07:14 – 08:43शुभ
रोग08:43 – 10:13टालें
उद्वेग10:13 – 11:43टालें
चर11:43 – 13:12सामान्य
लाभ13:12 – 14:42शुभ
अमृत14:42 – 16:12शुभ
काल16:12 – 17:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:42 – 19:12शुभ
उद्वेग19:12 – 20:42टालें
शुभ20:42 – 22:12शुभ
अमृत22:12 – 23:42शुभ
चर23:42 – 01:12सामान्य
रोग01:12 – 02:43टालें
काल02:43 – 04:13टालें
लाभ04:13 – 05:43शुभ

14 मार्च 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 06:47, 15 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 02:19, 15 मार्च तक
श्रवण 03:26, 16 मार्च तक
योग
वरीयान 08:12 तक
परिघअशुभ 07:55, 15 मार्च तक
करण
बव 18:19 तक
बालव 06:47, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
धनु 07:03 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
02:37
चंद्रास्त
13:17
दिनमान
11h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:07 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
08:43 – 10:13
यमगंड
13:12 – 14:42
गुलिक काल
05:44 – 07:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4406:44दिन
गुरु06:4407:43दिन
मंगल07:4308:43दिन
सूर्य08:4309:43दिन
शुक्र09:4310:43दिन
बुध10:4311:43दिन
चंद्र11:4312:43दिन
शनि12:4313:42दिन
गुरु13:4214:42दिन
मंगल14:4215:42दिन
सूर्य15:4216:42दिन
शुक्र16:4217:42दिन
बुध17:4218:42रात
चंद्र18:4219:42रात
शनि19:4220:42रात
गुरु20:4221:42रात
मंगल21:4222:42रात
सूर्य22:4223:42रात
शुक्र23:4200:42रात
बुध00:4201:42रात
चंद्र01:4202:43रात
शनि02:4303:43रात
गुरु03:4304:43रात
मंगल04:4305:43रात

अयनांश 24.2230° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।