19 मार्च 2026 को दोहा का चौघड़िया

गुरुवार, 19 मार्च 2026, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

गुरुवार, 19 मार्च 2026 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (02:22, 20 मार्च तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (01:35, 20 मार्च तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 13:12 से 14:43 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 17:44
रात 05:38 तक
तिथि
प्रतिपदा, 02:22 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 01:35 तक
रेवती
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:39 – 07:09शुभ
रोग07:09 – 08:40टालें
उद्वेग08:40 – 10:11टालें
चर10:11 – 11:41सामान्य
लाभ11:41 – 13:12शुभ
अमृत13:12 – 14:43शुभ
काल14:43 – 16:13टालें
शुभ16:13 – 17:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:44 – 19:13शुभ
चर19:13 – 20:42सामान्य
रोग20:42 – 22:12टालें
काल22:12 – 23:41टालें
लाभ23:41 – 01:10शुभ
उद्वेग01:10 – 02:39टालें
शुभ02:39 – 04:08शुभ
अमृत04:08 – 05:38शुभ

19 मार्च 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 02:22, 20 मार्च तक
शुक्ल द्वितीया 00:01, 21 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 01:35, 20 मार्च तक
रेवती 23:57, 20 मार्च तक
योग
शुक्ल 22:47 तक
ब्रह्म 19:45, 20 मार्च तक
करण
किंस्तुघ्न 15:26 तक
बव 02:22, 20 मार्च तक
बालव 13:14, 20 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
05:39
चंद्रास्त
18:13
दिनमान
12h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:51
अभिजीत मुहूर्त
11:17 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
13:12 – 14:43
यमगंड
05:39 – 07:09
गुलिक काल
08:40 – 10:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3906:39दिन
मंगल06:3907:40दिन
सूर्य07:4008:40दिन
शुक्र08:4009:40दिन
बुध09:4010:41दिन
चंद्र10:4111:41दिन
शनि11:4112:42दिन
गुरु12:4213:42दिन
मंगल13:4214:43दिन
सूर्य14:4315:43दिन
शुक्र15:4316:44दिन
बुध16:4417:44दिन
चंद्र17:4418:43रात
शनि18:4319:43रात
गुरु19:4320:42रात
मंगल20:4221:42रात
सूर्य21:4222:41रात
शुक्र22:4123:41रात
बुध23:4100:40रात
चंद्र00:4001:40रात
शनि01:4002:39रात
गुरु02:3903:39रात
मंगल03:3904:38रात
सूर्य04:3805:38रात

अयनांश 24.2232° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।