1 अप्रैल 2026 को दोहा का चौघड़िया

बुधवार, 1 अप्रैल 2026, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (05:12, 2 अप्रैल तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (13:47 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:25 पर और सूर्यास्त 17:50 पर है। राहुकाल 11:37 से 13:11 तक है।

दिन और रात
दिन 05:25 – 17:50
रात 05:24 तक
तिथि
पूर्णिमा, 05:12 तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 13:47 तक
हस्त
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:25 – 06:58शुभ
अमृत06:58 – 08:31शुभ
काल08:31 – 10:04टालें
शुभ10:04 – 11:37शुभ
रोग11:37 – 13:11टालें
उद्वेग13:11 – 14:44टालें
चर14:44 – 16:17सामान्य
लाभ16:17 – 17:50शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:50 – 19:17टालें
शुभ19:17 – 20:43शुभ
अमृत20:43 – 22:10शुभ
चर22:10 – 23:37सामान्य
रोग23:37 – 01:04टालें
काल01:04 – 02:31टालें
लाभ02:31 – 03:57शुभ
उद्वेग03:57 – 05:24टालें

1 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
पूर्णिमा 05:12, 2 अप्रैल तक
कृष्ण प्रतिपदा 06:12, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र
हस्त 15:08, 2 अप्रैल तक
योग
वृद्धि 12:20 तक
ध्रुव 11:49, 2 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:51 तक
बव 05:12, 2 अप्रैल तक
बालव 17:39, 2 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:25
सूर्यास्त
17:50
चंद्रोदय
17:21
चंद्रास्त
04:47
दिनमान
12h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 12:02 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:37 – 13:11
यमगंड
06:58 – 08:31
गुलिक काल
10:04 – 11:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2506:27दिन
चंद्र06:2707:29दिन
शनि07:2908:31दिन
गुरु08:3109:33दिन
मंगल09:3310:35दिन
सूर्य10:3511:37दिन
शुक्र11:3712:39दिन
बुध12:3913:42दिन
चंद्र13:4214:44दिन
शनि14:4415:46दिन
गुरु15:4616:48दिन
मंगल16:4817:50दिन
सूर्य17:5018:48रात
शुक्र18:4819:45रात
बुध19:4520:43रात
चंद्र20:4321:41रात
शनि21:4122:39रात
गुरु22:3923:37रात
मंगल23:3700:35रात
सूर्य00:3501:33रात
शुक्र01:3302:31रात
बुध02:3103:28रात
चंद्र03:2804:26रात
शनि04:2605:24रात

अयनांश 24.2237° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।