20 सितंबर 2026 को दोहा का चौघड़िया

रविवार, 20 सितंबर 2026, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

रविवार, 20 सितंबर 2026 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (15:21 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (02:04, 21 सित॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 16:01 से 17:32 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 17:32
रात 05:22 तक
तिथि
नवमी, 15:21 तक
दशमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 02:04 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:21 – 06:53टालें
चर06:53 – 08:24सामान्य
लाभ08:24 – 09:55शुभ
अमृत09:55 – 11:27शुभ
काल11:27 – 12:58टालें
शुभ12:58 – 14:29शुभ
रोग14:29 – 16:01टालें
उद्वेग16:01 – 17:32टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:32 – 19:01शुभ
अमृत19:01 – 20:30शुभ
चर20:30 – 21:58सामान्य
रोग21:58 – 23:27टालें
काल23:27 – 00:56टालें
लाभ00:56 – 02:24शुभ
उद्वेग02:24 – 03:53टालें
शुभ03:53 – 05:22शुभ

20 सितंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल नवमी 15:21 तक
शुक्ल दशमी 17:31, 21 सित॰ तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 02:04, 21 सित॰ तक
उत्तराषाढ़ा 04:37, 22 सित॰ तक
योग
सौभाग्य 12:52 तक
शोभन 13:35, 21 सित॰ तक
करण
कौलव 15:21 तक
तैतिल 04:29, 21 सित॰ तक
गर 17:31, 21 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
13:36
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:34
अभिजीत मुहूर्त
11:02 – 11:51

अशुभ समय

राहुकाल
16:01 – 17:32
यमगंड
11:27 – 12:58
गुलिक काल
14:29 – 16:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2106:22दिन
शुक्र06:2207:23दिन
बुध07:2308:24दिन
चंद्र08:2409:25दिन
शनि09:2510:26दिन
गुरु10:2611:27दिन
मंगल11:2712:28दिन
सूर्य12:2813:29दिन
शुक्र13:2914:29दिन
बुध14:2915:30दिन
चंद्र15:3016:31दिन
शनि16:3117:32दिन
गुरु17:3218:31रात
मंगल18:3119:30रात
सूर्य19:3020:30रात
शुक्र20:3021:29रात
बुध21:2922:28रात
चंद्र22:2823:27रात
शनि23:2700:26रात
गुरु00:2601:25रात
मंगल01:2502:24रात
सूर्य02:2403:23रात
शुक्र03:2304:22रात
बुध04:2205:22रात

अयनांश 24.2303° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।