20 नवंबर 2026 को दोहा का चौघड़िया

शुक्रवार, 20 नवंबर 2026, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (04:01, 21 नव॰ तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (04:20, 21 नव॰ तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 16:44 पर है। राहुकाल 09:58 से 11:19 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 16:44
रात 05:55 तक
तिथि
एकादशी, 04:01 तक
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 04:20 तक
रेवती
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:54 – 07:15सामान्य
लाभ07:15 – 08:36शुभ
अमृत08:36 – 09:58शुभ
काल09:58 – 11:19टालें
शुभ11:19 – 12:40शुभ
रोग12:40 – 14:01टालें
उद्वेग14:01 – 15:23टालें
चर15:23 – 16:44सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:44 – 18:23टालें
काल18:23 – 20:02टालें
लाभ20:02 – 21:40शुभ
उद्वेग21:40 – 23:19टालें
शुभ23:19 – 00:58शुभ
अमृत00:58 – 02:37शुभ
चर02:37 – 04:16सामान्य
रोग04:16 – 05:55टालें

20 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 04:01, 21 नव॰ तक
शुक्ल द्वादशी 02:26, 22 नव॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 04:20, 21 नव॰ तक
रेवती 03:25, 22 नव॰ तक
योग
वज्रअशुभ 02:25, 21 नव॰ तक
सिद्धि 00:00, 22 नव॰ तक
करण
वणिज 16:30 तक
विष्टि (भद्रा) 04:01, 21 नव॰ तक
बव 15:20, 21 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
16:44
चंद्रोदय
13:33
चंद्रास्त
01:19
दिनमान
10h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 05:01
अभिजीत मुहूर्त
10:57 – 11:41

अशुभ समय

राहुकाल
09:58 – 11:19
यमगंड
14:01 – 15:23
गुलिक काल
07:15 – 08:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5406:48दिन
बुध06:4807:42दिन
चंद्र07:4208:36दिन
शनि08:3609:31दिन
गुरु09:3110:25दिन
मंगल10:2511:19दिन
सूर्य11:1912:13दिन
शुक्र12:1313:07दिन
बुध13:0714:01दिन
चंद्र14:0114:56दिन
शनि14:5615:50दिन
गुरु15:5016:44दिन
मंगल16:4417:50रात
सूर्य17:5018:56रात
शुक्र18:5620:02रात
बुध20:0221:07रात
चंद्र21:0722:13रात
शनि22:1323:19रात
गुरु23:1900:25रात
मंगल00:2501:31रात
सूर्य01:3102:37रात
शुक्र02:3703:43रात
बुध03:4304:49रात
चंद्र04:4905:55रात

अयनांश 24.2326° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।