23 दिसंबर 2026 को दोहा का चौघड़िया

बुधवार, 23 दिसंबर 2026, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 23 दिसंबर 2026 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (08:17 तक), नक्षत्र मृगशिरा (02:23, 24 दिस॰ तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 16:49 पर है। राहुकाल 11:32 से 12:52 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 16:49
रात 06:16 तक
तिथि
पूर्णिमा, 04:28 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मृगशिरा, 02:23 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:15 – 07:35शुभ
अमृत07:35 – 08:54शुभ
काल08:54 – 10:13टालें
शुभ10:13 – 11:32शुभ
रोग11:32 – 12:52टालें
उद्वेग12:52 – 14:11टालें
चर14:11 – 15:30सामान्य
लाभ15:30 – 16:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:49 – 18:30टालें
शुभ18:30 – 20:11शुभ
अमृत20:11 – 21:52शुभ
चर21:52 – 23:33सामान्य
रोग23:33 – 01:13टालें
काल01:13 – 02:54टालें
लाभ02:54 – 04:35शुभ
उद्वेग04:35 – 06:16टालें

23 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 08:17 तक
पूर्णिमा 04:28, 24 दिस॰ तक
कृष्ण प्रतिपदा 00:37, 25 दिस॰ तक
नक्षत्र
मृगशिरा 02:23, 24 दिस॰ तक
आर्द्रा 23:17, 24 दिस॰ तक
योग
शुभ 14:45 तक
शुक्ल 10:21, 24 दिस॰ तक
करण
वणिज 08:17 तक
विष्टि (भद्रा) 18:23 तक
बव 04:28, 24 दिस॰ तक
बालव 14:32, 24 दिस॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 15:56 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
16:49
चंद्रोदय
16:03
चंद्रास्त
05:27
दिनमान
10h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:53 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:32 – 12:52
यमगंड
07:35 – 08:54
गुलिक काल
10:13 – 11:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1507:08दिन
चंद्र07:0808:01दिन
शनि08:0108:54दिन
गुरु08:5409:47दिन
मंगल09:4710:40दिन
सूर्य10:4011:32दिन
शुक्र11:3212:25दिन
बुध12:2513:18दिन
चंद्र13:1814:11दिन
शनि14:1115:04दिन
गुरु15:0415:57दिन
मंगल15:5716:49दिन
सूर्य16:4917:57रात
शुक्र17:5719:04रात
बुध19:0420:11रात
चंद्र20:1121:18रात
शनि21:1822:25रात
गुरु22:2523:33रात
मंगल23:3300:40रात
सूर्य00:4001:47रात
शुक्र01:4702:54रात
बुध02:5404:01रात
चंद्र04:0105:09रात
शनि05:0906:16रात

अयनांश 24.2339° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।