17 मार्च 2027 को दोहा का चौघड़िया

बुधवार, 17 मार्च 2027, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 17 मार्च 2027 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (01:51, 18 मार्च तक), नक्षत्र पुनर्वसु (02:37, 18 मार्च तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 17:43 पर है। राहुकाल 11:42 से 13:12 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 17:43
रात 05:40 तक
तिथि
दशमी, 01:51 तक
एकादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 02:37 तक
पुष्य
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:41 – 07:11शुभ
अमृत07:11 – 08:42शुभ
काल08:42 – 10:12टालें
शुभ10:12 – 11:42शुभ
रोग11:42 – 13:12टालें
उद्वेग13:12 – 14:43टालें
चर14:43 – 16:13सामान्य
लाभ16:13 – 17:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:43 – 19:13टालें
शुभ19:13 – 20:42शुभ
अमृत20:42 – 22:12शुभ
चर22:12 – 23:41सामान्य
रोग23:41 – 01:11टालें
काल01:11 – 02:41टालें
लाभ02:41 – 04:10शुभ
उद्वेग04:10 – 05:40टालें

17 मार्च 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल दशमी 01:51, 18 मार्च तक
शुक्ल एकादशी 23:21, 18 मार्च तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 02:37, 18 मार्च तक
पुष्य 00:51, 19 मार्च तक
योग
सौभाग्य 06:23 तक
शोभन 03:17, 18 मार्च तक
अतिगंडअशुभ 00:04, 19 मार्च तक
करण
तैतिल 15:04 तक
गर 01:51, 18 मार्च तक
वणिज 12:37, 18 मार्च तक
चंद्र राशि
मिथुन 21:03 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
17:43
चंद्रोदय
12:29
चंद्रास्त
01:45
दिनमान
12h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:18 – 12:06 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:42 – 13:12
यमगंड
07:11 – 08:42
गुलिक काल
10:12 – 11:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4106:41दिन
चंद्र06:4107:41दिन
शनि07:4108:42दिन
गुरु08:4209:42दिन
मंगल09:4210:42दिन
सूर्य10:4211:42दिन
शुक्र11:4212:42दिन
बुध12:4213:42दिन
चंद्र13:4214:43दिन
शनि14:4315:43दिन
गुरु15:4316:43दिन
मंगल16:4317:43दिन
सूर्य17:4318:43रात
शुक्र18:4319:43रात
बुध19:4320:42रात
चंद्र20:4221:42रात
शनि21:4222:42रात
गुरु22:4223:41रात
मंगल23:4100:41रात
सूर्य00:4101:41रात
शुक्र01:4102:41रात
बुध02:4103:40रात
चंद्र03:4004:40रात
शनि04:4005:40रात

अयनांश 24.2371° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।