12 सितंबर 2027 को दोहा का चौघड़िया

रविवार, 12 सितंबर 2027, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

रविवार, 12 सितंबर 2027 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (19:43 तक), नक्षत्र श्रवण (03:35, 13 सित॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:18 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 16:08 से 17:41 तक है।

दिन और रात
दिन 05:18 – 17:41
रात 05:18 तक
तिथि
द्वादशी, 19:43 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
श्रवण, 03:35 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:18 – 06:51टालें
चर06:51 – 08:24सामान्य
लाभ08:24 – 09:57शुभ
अमृत09:57 – 11:30शुभ
काल11:30 – 13:02टालें
शुभ13:02 – 14:35शुभ
रोग14:35 – 16:08टालें
उद्वेग16:08 – 17:41टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:41 – 19:08शुभ
अमृत19:08 – 20:35शुभ
चर20:35 – 22:03सामान्य
रोग22:03 – 23:30टालें
काल23:30 – 00:57टालें
लाभ00:57 – 02:24शुभ
उद्वेग02:24 – 03:51टालें
शुभ03:51 – 05:18शुभ

12 सितंबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 19:43 तक
शुक्ल त्रयोदशी 22:10, 13 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 03:35, 13 सित॰ तक
धनिष्ठा 06:29, 14 सित॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 05:15, 13 सित॰ तक
सुकर्मा 06:06, 14 सित॰ तक
करण
बव 06:25 तक
बालव 19:43 तक
कौलव 08:58, 13 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:18
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
15:39
चंद्रास्त
02:01
दिनमान
12h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:45 – 04:32
अभिजीत मुहूर्त
11:05 – 11:54

अशुभ समय

राहुकाल
16:08 – 17:41
यमगंड
11:30 – 13:02
गुलिक काल
14:35 – 16:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:1806:20दिन
शुक्र06:2007:22दिन
बुध07:2208:24दिन
चंद्र08:2409:26दिन
शनि09:2610:28दिन
गुरु10:2811:30दिन
मंगल11:3012:32दिन
सूर्य12:3213:33दिन
शुक्र13:3314:35दिन
बुध14:3515:37दिन
चंद्र15:3716:39दिन
शनि16:3917:41दिन
गुरु17:4118:39रात
मंगल18:3919:37रात
सूर्य19:3720:35रात
शुक्र20:3521:34रात
बुध21:3422:32रात
चंद्र22:3223:30रात
शनि23:3000:28रात
गुरु00:2801:26रात
मंगल01:2602:24रात
सूर्य02:2403:22रात
शुक्र03:2204:20रात
बुध04:2005:18रात

अयनांश 24.2439° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।