14 नवंबर 2027 को दोहा का चौघड़िया

रविवार, 14 नवंबर 2027, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

रविवार, 14 नवंबर 2027 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (06:25 तक), नक्षत्र कृत्तिका (04:36, 15 नव॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:49 पर और सूर्यास्त 16:46 पर है। राहुकाल 15:24 से 16:46 तक है।

दिन और रात
दिन 05:49 – 16:46
रात 05:50 तक
तिथि
प्रतिपदा, 04:58 तक
नक्षत्र
कृत्तिका, 04:36 तक
रोहिणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:49 – 07:11टालें
चर07:11 – 08:33सामान्य
लाभ08:33 – 09:56शुभ
अमृत09:56 – 11:18शुभ
काल11:18 – 12:40टालें
शुभ12:40 – 14:02शुभ
रोग14:02 – 15:24टालें
उद्वेग15:24 – 16:46टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:46 – 18:24शुभ
अमृत18:24 – 20:02शुभ
चर20:02 – 21:40सामान्य
रोग21:40 – 23:18टालें
काल23:18 – 00:56टालें
लाभ00:56 – 02:34शुभ
उद्वेग02:34 – 04:12टालें
शुभ04:12 – 05:50शुभ

14 नवंबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
पूर्णिमा 06:25 तक
कृष्ण प्रतिपदा 04:58, 15 नव॰ तक
कृष्ण द्वितीया 03:11, 16 नव॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 04:36, 15 नव॰ तक
रोहिणी 03:30, 16 नव॰ तक
योग
वरीयान 15:19 तक
परिघअशुभ 12:51, 15 नव॰ तक
करण
बव 06:25 तक
बालव 17:45 तक
कौलव 04:58, 15 नव॰ तक
तैतिल 16:07, 15 नव॰ तक
चंद्र राशि
मेष 11:12 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:49
सूर्यास्त
16:46
चंद्रोदय
16:48
चंद्रास्त
05:56
दिनमान
10h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
10:56 – 11:39

अशुभ समय

राहुकाल
15:24 – 16:46
यमगंड
11:18 – 12:40
गुलिक काल
14:02 – 15:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4906:44दिन
शुक्र06:4407:39दिन
बुध07:3908:33दिन
चंद्र08:3309:28दिन
शनि09:2810:23दिन
गुरु10:2311:18दिन
मंगल11:1812:12दिन
सूर्य12:1213:07दिन
शुक्र13:0714:02दिन
बुध14:0214:56दिन
चंद्र14:5615:51दिन
शनि15:5116:46दिन
गुरु16:4617:51रात
मंगल17:5118:57रात
सूर्य18:5720:02रात
शुक्र20:0221:07रात
बुध21:0722:13रात
चंद्र22:1323:18रात
शनि23:1800:23रात
गुरु00:2301:29रात
मंगल01:2902:34रात
सूर्य02:3403:39रात
शुक्र03:3904:45रात
बुध04:4505:50रात

अयनांश 24.2464° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।