19 अक्टूबर 2026 को डरबन का चौघड़िया

सोमवार, 19 अक्टूबर 2026, डरबन, दक्षिण अफ़्रीका। समय Africa/Johannesburg में है।

सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को डरबन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (07:22 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (12:08 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:13 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 06:50 से 08:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:13 – 18:08
रात 05:12 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 12:08 तक
श्रवण
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:13 – 06:50शुभ
काल06:50 – 08:27टालें
शुभ08:27 – 10:04शुभ
रोग10:04 – 11:41टालें
उद्वेग11:41 – 13:17टालें
चर13:17 – 14:54सामान्य
लाभ14:54 – 16:31शुभ
अमृत16:31 – 18:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:08 – 19:31सामान्य
रोग19:31 – 20:54टालें
काल20:54 – 22:17टालें
लाभ22:17 – 23:40शुभ
उद्वेग23:40 – 01:03टालें
शुभ01:03 – 02:26शुभ
अमृत02:26 – 03:49शुभ
चर03:49 – 05:12सामान्य

19 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 07:22 तक
शुक्ल नवमी 09:20, 20 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 14:32, 20 अक्टू॰ तक
योग
धृति 21:05 तक
शूलअशुभ 21:20, 20 अक्टू॰ तक
करण
बव 07:22 तक
बालव 20:25 तक
कौलव 09:20, 20 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:13
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
11:40
चंद्रास्त
01:07
दिनमान
12h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:45 – 04:29
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
06:50 – 08:27
यमगंड
10:04 – 11:41
गुलिक काल
13:17 – 14:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1306:18दिन
शनि06:1807:22दिन
गुरु07:2208:27दिन
मंगल08:2709:32दिन
सूर्य09:3210:36दिन
शुक्र10:3611:41दिन
बुध11:4112:45दिन
चंद्र12:4513:50दिन
शनि13:5014:54दिन
गुरु14:5415:59दिन
मंगल15:5917:03दिन
सूर्य17:0318:08दिन
शुक्र18:0819:03रात
बुध19:0319:59रात
चंद्र19:5920:54रात
शनि20:5421:49रात
गुरु21:4922:45रात
मंगल22:4523:40रात
सूर्य23:4000:35रात
शुक्र00:3501:31रात
बुध01:3102:26रात
चंद्र02:2603:22रात
शनि03:2204:17रात
गुरु04:1705:12रात

अयनांश 24.2314° (लाहिड़ी)। समय डरबन (Africa/Johannesburg) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।