14 जनवरी 2027 को दुर्गापुर का चौघड़िया

गुरुवार, 14 जनवरी 2027, दुर्गापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 14 जनवरी 2027 को दुर्गापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (13:59 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (23:19 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 17:14 पर है। राहुकाल 13:10 से 14:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 17:14
रात 06:24 तक
तिथि
षष्ठी, 13:59 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 23:19 तक
रेवती
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:24 – 07:46शुभ
रोग07:46 – 09:07टालें
उद्वेग09:07 – 10:28टालें
चर10:28 – 11:49सामान्य
लाभ11:49 – 13:10शुभ
अमृत13:10 – 14:32शुभ
काल14:32 – 15:53टालें
शुभ15:53 – 17:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:14 – 18:53शुभ
चर18:53 – 20:32सामान्य
रोग20:32 – 22:10टालें
काल22:10 – 23:49टालें
लाभ23:49 – 01:28शुभ
उद्वेग01:28 – 03:07टालें
शुभ03:07 – 04:46शुभ
अमृत04:46 – 06:24शुभ

14 जनवरी 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 13:59 तक
शुक्ल सप्तमी 14:13, 15 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 23:51, 15 जन॰ तक
योग
परिघअशुभ 17:22 तक
शिव 16:18, 15 जन॰ तक
करण
तैतिल 13:59 तक
गर 02:12, 15 जन॰ तक
वणिज 14:13, 15 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
17:14
चंद्रोदय
10:07
चंद्रास्त
22:51
दिनमान
10h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:11

अशुभ समय

राहुकाल
13:10 – 14:32
यमगंड
06:24 – 07:46
गुलिक काल
09:07 – 10:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2407:18दिन
मंगल07:1808:13दिन
सूर्य08:1309:07दिन
शुक्र09:0710:01दिन
बुध10:0110:55दिन
चंद्र10:5511:49दिन
शनि11:4912:43दिन
गुरु12:4313:38दिन
मंगल13:3814:32दिन
सूर्य14:3215:26दिन
शुक्र15:2616:20दिन
बुध16:2017:14दिन
चंद्र17:1418:20रात
शनि18:2019:26रात
गुरु19:2620:32रात
मंगल20:3221:38रात
सूर्य21:3822:43रात
शुक्र22:4323:49रात
बुध23:4900:55रात
चंद्र00:5502:01रात
शनि02:0103:07रात
गुरु03:0704:13रात
मंगल04:1305:18रात
सूर्य05:1806:24रात

अयनांश 24.2347° (लाहिड़ी)। समय दुर्गापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।