5 नवंबर 2027 को दुर्गापुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 5 नवंबर 2027, दुर्गापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 5 नवंबर 2027 को दुर्गापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (00:09, 6 नव॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (18:19 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 17:00 पर है। राहुकाल 10:00 से 11:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 17:00
रात 05:48 तक
तिथि
सप्तमी, 00:09 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 18:19 तक
श्रवण
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:48 – 07:12सामान्य
लाभ07:12 – 08:36शुभ
अमृत08:36 – 10:00शुभ
काल10:00 – 11:24टालें
शुभ11:24 – 12:48शुभ
रोग12:48 – 14:12टालें
उद्वेग14:12 – 15:36टालें
चर15:36 – 17:00सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:00 – 18:36टालें
काल18:36 – 20:12टालें
लाभ20:12 – 21:48शुभ
उद्वेग21:48 – 23:24टालें
शुभ23:24 – 01:00शुभ
अमृत01:00 – 02:36शुभ
चर02:36 – 04:12सामान्य
रोग04:12 – 05:48टालें

5 नवंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 00:09, 6 नव॰ तक
शुक्ल अष्टमी 02:50, 7 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 21:26, 6 नव॰ तक
योग
शूलअशुभ 20:54 तक
गंडअशुभ 21:53, 6 नव॰ तक
करण
गर 10:51 तक
वणिज 00:09, 6 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:30, 6 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
17:00
चंद्रोदय
11:34
चंद्रास्त
22:42
दिनमान
11h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:01 – 11:46

अशुभ समय

राहुकाल
10:00 – 11:24
यमगंड
14:12 – 15:36
गुलिक काल
07:12 – 08:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4806:44दिन
बुध06:4407:40दिन
चंद्र07:4008:36दिन
शनि08:3609:32दिन
गुरु09:3210:28दिन
मंगल10:2811:24दिन
सूर्य11:2412:20दिन
शुक्र12:2013:16दिन
बुध13:1614:12दिन
चंद्र14:1215:08दिन
शनि15:0816:04दिन
गुरु16:0417:00दिन
मंगल17:0018:04रात
सूर्य18:0419:08रात
शुक्र19:0820:12रात
बुध20:1221:16रात
चंद्र21:1622:20रात
शनि22:2023:24रात
गुरु23:2400:28रात
मंगल00:2801:32रात
सूर्य01:3202:36रात
शुक्र02:3603:40रात
बुध03:4004:44रात
चंद्र04:4405:48रात

अयनांश 24.2460° (लाहिड़ी)। समय दुर्गापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।