29 दिसंबर 2024 को द्वारका का चौघड़िया

रविवार, 29 दिसंबर 2024, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 29 दिसंबर 2024 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (04:02, 30 दिस॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (23:22 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 07:32 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है। राहुकाल 16:59 से 18:20 तक है।

दिन और रात
दिन 07:32 – 18:20
रात 07:32 तक
तिथि
चतुर्दशी, 04:02 तक
अमावस्या
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 23:22 तक
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:32 – 08:53टालें
चर08:53 – 10:14सामान्य
लाभ10:14 – 11:35शुभ
अमृत11:35 – 12:56शुभ
काल12:56 – 14:17टालें
शुभ14:17 – 15:38शुभ
रोग15:38 – 16:59टालें
उद्वेग16:59 – 18:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:20 – 19:59शुभ
अमृत19:59 – 21:38शुभ
चर21:38 – 23:17सामान्य
रोग23:17 – 00:56टालें
काल00:56 – 02:35टालें
लाभ02:35 – 04:14शुभ
उद्वेग04:14 – 05:53टालें
शुभ05:53 – 07:32शुभ

29 दिसंबर 2024 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 04:02, 30 दिस॰ तक
अमावस्या 03:56, 31 दिस॰ तक
नक्षत्र
मूल 23:57, 30 दिस॰ तक
योग
गंडअशुभ 21:41 तक
वृद्धि 20:32, 30 दिस॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 15:52 तक
शकुनि 04:02, 30 दिस॰ तक
चतुष्पद 16:03, 30 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:32
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
06:04
चंद्रास्त
16:47
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:46 – 06:39
अभिजीत मुहूर्त
12:34 – 13:17

अशुभ समय

राहुकाल
16:59 – 18:20
यमगंड
12:56 – 14:17
गुलिक काल
15:38 – 16:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:3208:26दिन
शुक्र08:2609:20दिन
बुध09:2010:14दिन
चंद्र10:1411:08दिन
शनि11:0812:02दिन
गुरु12:0212:56दिन
मंगल12:5613:50दिन
सूर्य13:5014:44दिन
शुक्र14:4415:38दिन
बुध15:3816:32दिन
चंद्र16:3217:26दिन
शनि17:2618:20दिन
गुरु18:2019:26रात
मंगल19:2620:32रात
सूर्य20:3221:38रात
शुक्र21:3822:44रात
बुध22:4423:50रात
चंद्र23:5000:56रात
शनि00:5602:02रात
गुरु02:0203:08रात
मंगल03:0804:14रात
सूर्य04:1405:20रात
शुक्र05:2006:26रात
बुध06:2607:32रात

अयनांश 24.2062° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।