8 फ़रवरी 2025 को द्वारका का चौघड़िया

शनिवार, 8 फ़रवरी 2025, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 8 फ़रवरी 2025 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (20:16 तक), नक्षत्र मृगशिरा (18:07 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 07:29 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 10:18 से 11:43 तक है।

दिन और रात
दिन 07:29 – 18:47
रात 07:29 तक
तिथि
एकादशी, 20:16 तक
द्वादशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 18:07 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:29 – 08:54टालें
शुभ08:54 – 10:18शुभ
रोग10:18 – 11:43टालें
उद्वेग11:43 – 13:08टालें
चर13:08 – 14:33सामान्य
लाभ14:33 – 15:57शुभ
अमृत15:57 – 17:22शुभ
काल17:22 – 18:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:47 – 20:22शुभ
उद्वेग20:22 – 21:57टालें
शुभ21:57 – 23:32शुभ
अमृत23:32 – 01:08शुभ
चर01:08 – 02:43सामान्य
रोग02:43 – 04:18टालें
काल04:18 – 05:53टालें
लाभ05:53 – 07:29शुभ

8 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 20:16 तक
शुक्ल द्वादशी 19:25, 9 फ़र॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 17:53, 9 फ़र॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 14:04 तक
विष्कंभअशुभ 12:06, 9 फ़र॰ तक
करण
वणिज 08:49 तक
विष्टि (भद्रा) 20:16 तक
बव 07:48, 9 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:29
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
14:43
चंद्रास्त
03:58
दिनमान
11h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:47 – 06:38
अभिजीत मुहूर्त
12:45 – 13:30

अशुभ समय

राहुकाल
10:18 – 11:43
यमगंड
14:33 – 15:57
गुलिक काल
07:29 – 08:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:2908:26दिन
गुरु08:2609:22दिन
मंगल09:2210:18दिन
सूर्य10:1811:15दिन
शुक्र11:1512:11दिन
बुध12:1113:08दिन
चंद्र13:0814:04दिन
शनि14:0415:01दिन
गुरु15:0115:57दिन
मंगल15:5716:54दिन
सूर्य16:5417:50दिन
शुक्र17:5018:47दिन
बुध18:4719:50रात
चंद्र19:5020:54रात
शनि20:5421:57रात
गुरु21:5723:01रात
मंगल23:0100:04रात
सूर्य00:0401:08रात
शुक्र01:0802:11रात
बुध02:1103:15रात
चंद्र03:1504:18रात
शनि04:1805:22रात
गुरु05:2206:25रात
मंगल06:2507:29रात

अयनांश 24.2078° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।