28 दिसंबर 2025 को द्वारका का चौघड़िया

रविवार, 28 दिसंबर 2025, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 28 दिसंबर 2025 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (12:00 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (08:43 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 07:32 पर और सूर्यास्त 18:19 पर है। राहुकाल 16:58 से 18:19 तक है।

दिन और रात
दिन 07:32 – 18:19
रात 07:32 तक
तिथि
अष्टमी, 12:00 तक
नवमी
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:32 – 08:53टालें
चर08:53 – 10:13सामान्य
लाभ10:13 – 11:34शुभ
अमृत11:34 – 12:55शुभ
काल12:55 – 14:16टालें
शुभ14:16 – 15:37शुभ
रोग15:37 – 16:58टालें
उद्वेग16:58 – 18:19टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:19 – 19:58शुभ
अमृत19:58 – 21:37शुभ
चर21:37 – 23:16सामान्य
रोग23:16 – 00:55टालें
काल00:55 – 02:35टालें
लाभ02:35 – 04:14शुभ
उद्वेग04:14 – 05:53टालें
शुभ05:53 – 07:32शुभ

28 दिसंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 12:00 तक
शुक्ल नवमी 10:12, 29 दिस॰ तक
नक्षत्र
रेवती 07:41, 29 दिस॰ तक
योग
वरीयान 10:13 तक
परिघअशुभ 07:36, 29 दिस॰ तक
करण
बव 12:00 तक
बालव 23:11 तक
कौलव 10:12, 29 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:32
सूर्यास्त
18:19
चंद्रोदय
12:58
चंद्रास्त
00:55
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:46 – 06:39
अभिजीत मुहूर्त
12:34 – 13:17

अशुभ समय

राहुकाल
16:58 – 18:19
यमगंड
12:55 – 14:16
गुलिक काल
15:37 – 16:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:3208:26दिन
शुक्र08:2609:19दिन
बुध09:1910:13दिन
चंद्र10:1311:07दिन
शनि11:0712:01दिन
गुरु12:0112:55दिन
मंगल12:5513:49दिन
सूर्य13:4914:43दिन
शुक्र14:4315:37दिन
बुध15:3716:31दिन
चंद्र16:3117:25दिन
शनि17:2518:19दिन
गुरु18:1919:25रात
मंगल19:2520:31रात
सूर्य20:3121:37रात
शुक्र21:3722:43रात
बुध22:4323:49रात
चंद्र23:4900:55रात
शनि00:5502:01रात
गुरु02:0103:08रात
मंगल03:0804:14रात
सूर्य04:1405:20रात
शुक्र05:2006:26रात
बुध06:2607:32रात

अयनांश 24.2201° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।