4 जनवरी 2026 को द्वारका का चौघड़िया

रविवार, 4 जनवरी 2026, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 4 जनवरी 2026 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (12:30 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (15:11 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 07:34 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 17:02 से 18:23 तक है।

दिन और रात
दिन 07:34 – 18:23
रात 07:34 तक
तिथि
प्रतिपदा, 12:30 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पुनर्वसु, 15:11 तक
पुष्य
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:34 – 08:55टालें
चर08:55 – 10:16सामान्य
लाभ10:16 – 11:37शुभ
अमृत11:37 – 12:59शुभ
काल12:59 – 14:20टालें
शुभ14:20 – 15:41शुभ
रोग15:41 – 17:02टालें
उद्वेग17:02 – 18:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:23 – 20:02शुभ
अमृत20:02 – 21:41शुभ
चर21:41 – 23:20सामान्य
रोग23:20 – 00:59टालें
काल00:59 – 02:38टालें
लाभ02:38 – 04:16शुभ
उद्वेग04:16 – 05:55टालें
शुभ05:55 – 07:34शुभ

4 जनवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 12:30 तक
कृष्ण द्वितीया 09:57, 5 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 13:25, 5 जन॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 01:47, 5 जन॰ तक
विष्कंभअशुभ 22:47, 5 जन॰ तक
करण
कौलव 12:30 तक
तैतिल 23:09 तक
गर 09:57, 5 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 09:43 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:34
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
19:29
चंद्रास्त
08:26
दिनमान
10h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:48 – 06:41
अभिजीत मुहूर्त
12:37 – 13:20

अशुभ समय

राहुकाल
17:02 – 18:23
यमगंड
12:59 – 14:20
गुलिक काल
15:41 – 17:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:3408:28दिन
शुक्र08:2809:22दिन
बुध09:2210:16दिन
चंद्र10:1611:10दिन
शनि11:1012:04दिन
गुरु12:0412:59दिन
मंगल12:5913:53दिन
सूर्य13:5314:47दिन
शुक्र14:4715:41दिन
बुध15:4116:35दिन
चंद्र16:3517:29दिन
शनि17:2918:23दिन
गुरु18:2319:29रात
मंगल19:2920:35रात
सूर्य20:3521:41रात
शुक्र21:4122:47रात
बुध22:4723:53रात
चंद्र23:5300:59रात
शनि00:5902:05रात
गुरु02:0503:10रात
मंगल03:1004:16रात
सूर्य04:1605:22रात
शुक्र05:2206:28रात
बुध06:2807:34रात

अयनांश 24.2204° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।