17 जनवरी 2026 को द्वारका का चौघड़िया

शनिवार, 17 जनवरी 2026, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 17 जनवरी 2026 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (00:04, 18 जन॰ तक), नक्षत्र मूल (08:12 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 07:35 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 10:20 से 11:42 तक है।

दिन और रात
दिन 07:35 – 18:32
रात 07:35 तक
तिथि
चतुर्दशी, 00:04 तक
अमावस्या
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:35 – 08:57टालें
शुभ08:57 – 10:20शुभ
रोग10:20 – 11:42टालें
उद्वेग11:42 – 13:04टालें
चर13:04 – 14:26सामान्य
लाभ14:26 – 15:48शुभ
अमृत15:48 – 17:10शुभ
काल17:10 – 18:32टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:32 – 20:10शुभ
उद्वेग20:10 – 21:48टालें
शुभ21:48 – 23:26शुभ
अमृत23:26 – 01:04शुभ
चर01:04 – 02:42सामान्य
रोग02:42 – 04:19टालें
काल04:19 – 05:57टालें
लाभ05:57 – 07:35शुभ

17 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 00:04, 18 जन॰ तक
अमावस्या 01:22, 19 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 08:12 तक
पूर्वाषाढ़ा 10:14, 18 जन॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 21:18 तक
हर्षण 21:11, 18 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:16 तक
शकुनि 00:04, 18 जन॰ तक
चतुष्पद 12:46, 18 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:35
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
06:28
चंद्रास्त
17:12
दिनमान
10h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:51 – 06:43
अभिजीत मुहूर्त
12:42 – 13:26

अशुभ समय

राहुकाल
10:20 – 11:42
यमगंड
14:26 – 15:48
गुलिक काल
07:35 – 08:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:3508:30दिन
गुरु08:3009:25दिन
मंगल09:2510:20दिन
सूर्य10:2011:14दिन
शुक्र11:1412:09दिन
बुध12:0913:04दिन
चंद्र13:0413:58दिन
शनि13:5814:53दिन
गुरु14:5315:48दिन
मंगल15:4816:43दिन
सूर्य16:4317:37दिन
शुक्र17:3718:32दिन
बुध18:3219:37रात
चंद्र19:3720:43रात
शनि20:4321:48रात
गुरु21:4822:53रात
मंगल22:5323:58रात
सूर्य23:5801:04रात
शुक्र01:0402:09रात
बुध02:0903:14रात
चंद्र03:1404:19रात
शनि04:1905:25रात
गुरु05:2506:30रात
मंगल06:3007:35रात

अयनांश 24.2209° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।