22 फ़रवरी 2026 को द्वारका का चौघड़िया

रविवार, 22 फ़रवरी 2026, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 22 फ़रवरी 2026 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (11:10 तक), नक्षत्र अश्विनी (17:54 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 07:20 पर और सूर्यास्त 18:54 पर है। राहुकाल 17:27 से 18:54 तक है।

दिन और रात
दिन 07:20 – 18:54
रात 07:20 तक
तिथि
पंचमी, 11:10 तक
षष्ठी
नक्षत्र
अश्विनी, 17:54 तक
भरणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:20 – 08:47टालें
चर08:47 – 10:14सामान्य
लाभ10:14 – 11:41शुभ
अमृत11:41 – 13:07शुभ
काल13:07 – 14:34टालें
शुभ14:34 – 16:01शुभ
रोग16:01 – 17:27टालें
उद्वेग17:27 – 18:54टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:54 – 20:27शुभ
अमृत20:27 – 22:00शुभ
चर22:00 – 23:34सामान्य
रोग23:34 – 01:07टालें
काल01:07 – 02:40टालें
लाभ02:40 – 04:13शुभ
उद्वेग04:13 – 05:46टालें
शुभ05:46 – 07:20शुभ

22 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 11:10 तक
शुक्ल षष्ठी 09:09, 23 फ़र॰ तक
नक्षत्र
भरणी 16:33, 23 फ़र॰ तक
योग
शुक्ल 13:08 तक
ब्रह्म 10:18, 23 फ़र॰ तक
करण
बालव 11:10 तक
कौलव 22:11 तक
तैतिल 09:09, 23 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:20
सूर्यास्त
18:54
चंद्रोदय
10:15
चंद्रास्त
23:44
दिनमान
11h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:41 – 06:31
अभिजीत मुहूर्त
12:44 – 13:30

अशुभ समय

राहुकाल
17:27 – 18:54
यमगंड
13:07 – 14:34
गुलिक काल
16:01 – 17:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:2008:18दिन
शुक्र08:1809:16दिन
बुध09:1610:14दिन
चंद्र10:1411:12दिन
शनि11:1212:09दिन
गुरु12:0913:07दिन
मंगल13:0714:05दिन
सूर्य14:0515:03दिन
शुक्र15:0316:01दिन
बुध16:0116:58दिन
चंद्र16:5817:56दिन
शनि17:5618:54दिन
गुरु18:5419:56रात
मंगल19:5620:58रात
सूर्य20:5822:00रात
शुक्र22:0023:03रात
बुध23:0300:05रात
चंद्र00:0501:07रात
शनि01:0702:09रात
गुरु02:0903:11रात
मंगल03:1104:13रात
सूर्य04:1305:15रात
शुक्र05:1506:18रात
बुध06:1807:20रात

अयनांश 24.2223° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।