28 फ़रवरी 2026 को द्वारका का चौघड़िया

शनिवार, 28 फ़रवरी 2026, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 28 फ़रवरी 2026 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (20:43 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (09:35 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 07:16 पर और सूर्यास्त 18:57 पर है। राहुकाल 10:11 से 11:39 तक है।

दिन और रात
दिन 07:16 – 18:57
रात 07:15 तक
तिथि
द्वादशी, 20:43 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पुष्य
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:16 – 08:43टालें
शुभ08:43 – 10:11शुभ
रोग10:11 – 11:39टालें
उद्वेग11:39 – 13:06टालें
चर13:06 – 14:34सामान्य
लाभ14:34 – 16:02शुभ
अमृत16:02 – 17:29शुभ
काल17:29 – 18:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:57 – 20:29शुभ
उद्वेग20:29 – 22:01टालें
शुभ22:01 – 23:34शुभ
अमृत23:34 – 01:06शुभ
चर01:06 – 02:38सामान्य
रोग02:38 – 04:10टालें
काल04:10 – 05:43टालें
लाभ05:43 – 07:15शुभ

28 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 20:43 तक
शुक्ल त्रयोदशी 19:09, 1 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 08:34, 1 मार्च तक
योग
सौभाग्य 17:02 तक
शोभन 14:33, 1 मार्च तक
करण
बव 09:36 तक
बालव 20:43 तक
कौलव 07:54, 1 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:16
सूर्यास्त
18:57
चंद्रोदय
15:58
चंद्रास्त
04:55
दिनमान
11h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:37 – 06:26
अभिजीत मुहूर्त
12:43 – 13:30

अशुभ समय

राहुकाल
10:11 – 11:39
यमगंड
14:34 – 16:02
गुलिक काल
07:16 – 08:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1608:14दिन
गुरु08:1409:13दिन
मंगल09:1310:11दिन
सूर्य10:1111:09दिन
शुक्र11:0912:08दिन
बुध12:0813:06दिन
चंद्र13:0614:05दिन
शनि14:0515:03दिन
गुरु15:0316:02दिन
मंगल16:0217:00दिन
सूर्य17:0017:58दिन
शुक्र17:5818:57दिन
बुध18:5719:58रात
चंद्र19:5821:00रात
शनि21:0022:01रात
गुरु22:0123:03रात
मंगल23:0300:04रात
सूर्य00:0401:06रात
शुक्र01:0602:07रात
बुध02:0703:09रात
चंद्र03:0904:10रात
शनि04:1005:12रात
गुरु05:1206:13रात
मंगल06:1307:15रात

अयनांश 24.2225° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।