5 मार्च 2026 को द्वारका का चौघड़िया

गुरुवार, 5 मार्च 2026, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 5 मार्च 2026 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (17:04 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (08:17 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 07:12 पर और सूर्यास्त 18:59 पर है। राहुकाल 14:34 से 16:02 तक है।

दिन और रात
दिन 07:12 – 18:59
रात 07:11 तक
तिथि
द्वितीया, 17:04 तक
तृतीया
नक्षत्र
हस्त
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:12 – 08:40शुभ
रोग08:40 – 10:08टालें
उद्वेग10:08 – 11:37टालें
चर11:37 – 13:05सामान्य
लाभ13:05 – 14:34शुभ
अमृत14:34 – 16:02शुभ
काल16:02 – 17:31टालें
शुभ17:31 – 18:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:59 – 20:30शुभ
चर20:30 – 22:02सामान्य
रोग22:02 – 23:33टालें
काल23:33 – 01:05टालें
लाभ01:05 – 02:36शुभ
उद्वेग02:36 – 04:08टालें
शुभ04:08 – 05:39शुभ
अमृत05:39 – 07:11शुभ

5 मार्च 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 17:04 तक
कृष्ण तृतीया 17:53, 6 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 09:30, 6 मार्च तक
योग
शूलअशुभ 07:45 तक
गंडअशुभ 07:05, 6 मार्च तक
वृद्धि 06:52, 7 मार्च तक
करण
गर 17:04 तक
वणिज 05:24, 6 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 17:53, 6 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:12
सूर्यास्त
18:59
चंद्रोदय
20:47
चंद्रास्त
08:07
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:34 – 06:23
अभिजीत मुहूर्त
12:42 – 13:29

अशुभ समय

राहुकाल
14:34 – 16:02
यमगंड
07:12 – 08:40
गुलिक काल
10:08 – 11:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:1208:11दिन
मंगल08:1109:09दिन
सूर्य09:0910:08दिन
शुक्र10:0811:07दिन
बुध11:0712:06दिन
चंद्र12:0613:05दिन
शनि13:0514:04दिन
गुरु14:0415:03दिन
मंगल15:0316:02दिन
सूर्य16:0217:01दिन
शुक्र17:0118:00दिन
बुध18:0018:59दिन
चंद्र18:5920:00रात
शनि20:0021:01रात
गुरु21:0122:02रात
मंगल22:0223:03रात
सूर्य23:0300:04रात
शुक्र00:0401:05रात
बुध01:0502:06रात
चंद्र02:0603:07रात
शनि03:0704:08रात
गुरु04:0805:09रात
मंगल05:0906:10रात
सूर्य06:1007:11रात

अयनांश 24.2227° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।