28 अगस्त 2026 को द्वारका का चौघड़िया

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (09:48 तक), नक्षत्र शतभिषा (03:13, 29 अग॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 19:14 पर है। राहुकाल 11:20 से 12:55 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 19:14
रात 06:36 तक
तिथि
प्रतिपदा
नक्षत्र
शतभिषा, 03:13 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अगस्त 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:35 – 08:10सामान्य
लाभ08:10 – 09:45शुभ
अमृत09:45 – 11:20शुभ
काल11:20 – 12:55टालें
शुभ12:55 – 14:30शुभ
रोग14:30 – 16:05टालें
उद्वेग16:05 – 17:39टालें
चर17:39 – 19:14सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:14 – 20:39टालें
काल20:39 – 22:05टालें
लाभ22:05 – 23:30शुभ
उद्वेग23:30 – 00:55टालें
शुभ00:55 – 02:20शुभ
अमृत02:20 – 03:45शुभ
चर03:45 – 05:10सामान्य
रोग05:10 – 06:36टालें

28 अगस्त 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
पूर्णिमा 09:48 तक
कृष्ण प्रतिपदा 09:57, 29 अग॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 03:13, 29 अग॰ तक
पूर्वा भाद्रपद 03:42, 30 अग॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 07:27 तक
सुकर्मा 06:36, 29 अग॰ तक
करण
बव 09:48 तक
बालव 21:56 तक
कौलव 09:57, 29 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
19:14
चंद्रोदय
19:23
चंद्रास्त
06:31
दिनमान
12h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
12:29 – 13:20

अशुभ समय

राहुकाल
11:20 – 12:55
यमगंड
16:05 – 17:39
गुलिक काल
08:10 – 09:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3507:38दिन
बुध07:3808:42दिन
चंद्र08:4209:45दिन
शनि09:4510:48दिन
गुरु10:4811:52दिन
मंगल11:5212:55दिन
सूर्य12:5513:58दिन
शुक्र13:5815:01दिन
बुध15:0116:05दिन
चंद्र16:0517:08दिन
शनि17:0818:11दिन
गुरु18:1119:14दिन
मंगल19:1420:11रात
सूर्य20:1121:08रात
शुक्र21:0822:05रात
बुध22:0523:01रात
चंद्र23:0123:58रात
शनि23:5800:55रात
गुरु00:5501:52रात
मंगल01:5202:48रात
सूर्य02:4803:45रात
शुक्र03:4504:42रात
बुध04:4205:39रात
चंद्र05:3906:36रात

अयनांश 24.2294° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।