7 सितंबर 2026 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 7 सितंबर 2026, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 7 सितंबर 2026 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (17:04 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (18:14 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 19:05 पर है। राहुकाल 08:11 से 09:45 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 19:05
रात 06:38 तक
तिथि
एकादशी, 17:04 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 18:14 तक
पुष्य
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:38 – 08:11शुभ
काल08:11 – 09:45टालें
शुभ09:45 – 11:18शुभ
रोग11:18 – 12:52टालें
उद्वेग12:52 – 14:25टालें
चर14:25 – 15:58सामान्य
लाभ15:58 – 17:32शुभ
अमृत17:32 – 19:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:05 – 20:32सामान्य
रोग20:32 – 21:58टालें
काल21:58 – 23:25टालें
लाभ23:25 – 00:52शुभ
उद्वेग00:52 – 02:18टालें
शुभ02:18 – 03:45शुभ
अमृत03:45 – 05:12शुभ
चर05:12 – 06:38सामान्य

7 सितंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 17:04 तक
कृष्ण द्वादशी 14:43, 8 सित॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 16:39, 8 सित॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 06:41 तक
वरीयान 03:38, 8 सित॰ तक
परिघअशुभ 00:40, 9 सित॰ तक
करण
बालव 17:04 तक
कौलव 03:53, 8 सित॰ तक
तैतिल 14:43, 8 सित॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 12:38 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
19:05
चंद्रोदय
02:26
चंद्रास्त
16:25
दिनमान
12h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
12:27 – 13:16

अशुभ समय

राहुकाल
08:11 – 09:45
यमगंड
11:18 – 12:52
गुलिक काल
14:25 – 15:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3807:40दिन
शनि07:4008:43दिन
गुरु08:4309:45दिन
मंगल09:4510:47दिन
सूर्य10:4711:49दिन
शुक्र11:4912:52दिन
बुध12:5213:54दिन
चंद्र13:5414:56दिन
शनि14:5615:58दिन
गुरु15:5817:00दिन
मंगल17:0018:03दिन
सूर्य18:0319:05दिन
शुक्र19:0520:03रात
बुध20:0321:01रात
चंद्र21:0121:58रात
शनि21:5822:56रात
गुरु22:5623:54रात
मंगल23:5400:52रात
सूर्य00:5201:49रात
शुक्र01:4902:47रात
बुध02:4703:45रात
चंद्र03:4504:43रात
शनि04:4305:41रात
गुरु05:4106:38रात

अयनांश 24.2298° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।