8 नवंबर 2026 को द्वारका का चौघड़िया

रविवार, 8 नवंबर 2026, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 8 नवंबर 2026 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (11:28 तक), नक्षत्र स्वाति (07:24, 9 नव॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 07:01 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 16:49 से 18:13 तक है।

दिन और रात
दिन 07:01 – 18:13
रात 07:02 तक
तिथि
चतुर्दशी, 11:28 तक
अमावस्या
नक्षत्र
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:01 – 08:25टालें
चर08:25 – 09:49सामान्य
लाभ09:49 – 11:13शुभ
अमृत11:13 – 12:37शुभ
काल12:37 – 14:01टालें
शुभ14:01 – 15:25शुभ
रोग15:25 – 16:49टालें
उद्वेग16:49 – 18:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:13 – 19:49शुभ
अमृत19:49 – 21:25शुभ
चर21:25 – 23:01सामान्य
रोग23:01 – 00:38टालें
काल00:38 – 02:14टालें
लाभ02:14 – 03:50शुभ
उद्वेग03:50 – 05:26टालें
शुभ05:26 – 07:02शुभ

8 नवंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 11:28 तक
अमावस्या 12:32, 9 नव॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 07:24, 9 नव॰ तक
योग
आयुष्मान 03:03, 9 नव॰ तक
सौभाग्य 02:57, 10 नव॰ तक
करण
शकुनि 11:28 तक
चतुष्पद 23:57 तक
नाग 12:32, 9 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:01
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
06:01
चंद्रास्त
17:23
दिनमान
11h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:10
अभिजीत मुहूर्त
12:15 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
16:49 – 18:13
यमगंड
12:37 – 14:01
गुलिक काल
15:25 – 16:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:0107:57दिन
शुक्र07:5708:53दिन
बुध08:5309:49दिन
चंद्र09:4910:45दिन
शनि10:4511:41दिन
गुरु11:4112:37दिन
मंगल12:3713:33दिन
सूर्य13:3314:29दिन
शुक्र14:2915:25दिन
बुध15:2516:21दिन
चंद्र16:2117:17दिन
शनि17:1718:13दिन
गुरु18:1319:17रात
मंगल19:1720:21रात
सूर्य20:2121:25रात
शुक्र21:2522:29रात
बुध22:2923:33रात
चंद्र23:3300:38रात
शनि00:3801:42रात
गुरु01:4202:46रात
मंगल02:4603:50रात
सूर्य03:5004:54रात
शुक्र04:5405:58रात
बुध05:5807:02रात

अयनांश 24.2322° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।