9 जनवरी 2027 को द्वारका का चौघड़िया

शनिवार, 9 जनवरी 2027, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 9 जनवरी 2027 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (07:07, 10 जन॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (12:16 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 07:35 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 10:18 से 11:39 तक है।

दिन और रात
दिन 07:35 – 18:26
रात 07:35 तक
तिथि
द्वितीया, 07:07 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 12:16 तक
श्रवण
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:35 – 08:56टालें
शुभ08:56 – 10:18शुभ
रोग10:18 – 11:39टालें
उद्वेग11:39 – 13:01टालें
चर13:01 – 14:22सामान्य
लाभ14:22 – 15:44शुभ
अमृत15:44 – 17:05शुभ
काल17:05 – 18:26टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:26 – 20:05शुभ
उद्वेग20:05 – 21:44टालें
शुभ21:44 – 23:22शुभ
अमृत23:22 – 01:01शुभ
चर01:01 – 02:39सामान्य
रोग02:39 – 04:18टालें
काल04:18 – 05:56टालें
लाभ05:56 – 07:35शुभ

9 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 07:07, 10 जन॰ तक
शुक्ल तृतीया 09:28, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 15:12, 10 जन॰ तक
योग
हर्षण 16:15 तक
वज्रअशुभ 17:02, 10 जन॰ तक
करण
बालव 17:52 तक
कौलव 07:07, 10 जन॰ तक
तैतिल 20:20, 10 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:35
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
08:37
चंद्रास्त
19:47
दिनमान
10h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:50 – 06:42
अभिजीत मुहूर्त
12:39 – 13:22

अशुभ समय

राहुकाल
10:18 – 11:39
यमगंड
14:22 – 15:44
गुलिक काल
07:35 – 08:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:3508:29दिन
गुरु08:2909:23दिन
मंगल09:2310:18दिन
सूर्य10:1811:12दिन
शुक्र11:1212:06दिन
बुध12:0613:01दिन
चंद्र13:0113:55दिन
शनि13:5514:49दिन
गुरु14:4915:44दिन
मंगल15:4416:38दिन
सूर्य16:3817:32दिन
शुक्र17:3218:26दिन
बुध18:2619:32रात
चंद्र19:3220:38रात
शनि20:3821:44रात
गुरु21:4422:49रात
मंगल22:4923:55रात
सूर्य23:5501:01रात
शुक्र01:0102:06रात
बुध02:0603:12रात
चंद्र03:1204:18रात
शनि04:1805:24रात
गुरु05:2406:29रात
मंगल06:2907:35रात

अयनांश 24.2345° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।