10 मार्च 2027 को द्वारका का चौघड़िया

बुधवार, 10 मार्च 2027, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 10 मार्च 2027 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (15:53 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (10:52 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 07:07 पर और सूर्यास्त 19:01 पर है। राहुकाल 13:04 से 14:33 तक है।

दिन और रात
दिन 07:07 – 19:01
रात 07:07 तक
तिथि
द्वितीया, 15:53 तक
तृतीया
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:07 – 08:37शुभ
अमृत08:37 – 10:06शुभ
काल10:06 – 11:35टालें
शुभ11:35 – 13:04शुभ
रोग13:04 – 14:33टालें
उद्वेग14:33 – 16:03टालें
चर16:03 – 17:32सामान्य
लाभ17:32 – 19:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:01 – 20:32टालें
शुभ20:32 – 22:02शुभ
अमृत22:02 – 23:33शुभ
चर23:33 – 01:04सामान्य
रोग01:04 – 02:34टालें
काल02:34 – 04:05टालें
लाभ04:05 – 05:36शुभ
उद्वेग05:36 – 07:07टालें

10 मार्च 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 15:53 तक
शुक्ल तृतीया 15:37, 11 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 11:20, 11 मार्च तक
योग
शुक्ल 00:50, 11 मार्च तक
ब्रह्म 23:22, 11 मार्च तक
करण
कौलव 15:53 तक
तैतिल 03:48, 11 मार्च तक
गर 15:37, 11 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:07
सूर्यास्त
19:01
चंद्रोदय
08:00
चंद्रास्त
20:51
दिनमान
11h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:30 – 06:19
अभिजीत मुहूर्त
12:40 – 13:28 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
13:04 – 14:33
यमगंड
08:37 – 10:06
गुलिक काल
11:35 – 13:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:0708:07दिन
चंद्र08:0709:06दिन
शनि09:0610:06दिन
गुरु10:0611:05दिन
मंगल11:0512:05दिन
सूर्य12:0513:04दिन
शुक्र13:0414:04दिन
बुध14:0415:03दिन
चंद्र15:0316:03दिन
शनि16:0317:02दिन
गुरु17:0218:01दिन
मंगल18:0119:01दिन
सूर्य19:0120:01रात
शुक्र20:0121:02रात
बुध21:0222:02रात
चंद्र22:0223:03रात
शनि23:0300:03रात
गुरु00:0301:04रात
मंगल01:0402:04रात
सूर्य02:0403:05रात
शुक्र03:0504:05रात
बुध04:0505:06रात
चंद्र05:0606:06रात
शनि06:0607:07रात

अयनांश 24.2368° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।