5 अप्रैल 2027 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 5 अप्रैल 2027, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 5 अप्रैल 2027 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (05:40, 6 अप्रैल तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (17:47 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 19:10 पर है। राहुकाल 08:17 से 09:50 तक है।

दिन और रात
दिन 06:43 – 19:10
रात 06:42 तक
तिथि
चतुर्दशी, 05:40 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 17:47 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:43 – 08:17शुभ
काल08:17 – 09:50टालें
शुभ09:50 – 11:23शुभ
रोग11:23 – 12:57टालें
उद्वेग12:57 – 14:30टालें
चर14:30 – 16:03सामान्य
लाभ16:03 – 17:37शुभ
अमृत17:37 – 19:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:10 – 20:37सामान्य
रोग20:37 – 22:03टालें
काल22:03 – 23:30टालें
लाभ23:30 – 00:56शुभ
उद्वेग00:56 – 02:23टालें
शुभ02:23 – 03:49शुभ
अमृत03:49 – 05:16शुभ
चर05:16 – 06:42सामान्य

5 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 05:40, 6 अप्रैल तक
अमावस्या 05:21, 7 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 18:23, 6 अप्रैल तक
योग
शुक्ल 09:47 तक
ब्रह्म 08:51, 6 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:37 तक
शकुनि 05:40, 6 अप्रैल तक
चतुष्पद 17:35, 6 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कुंभ 11:32 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
19:10
चंद्रोदय
05:26
चंद्रास्त
17:48
दिनमान
12h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
12:32 – 13:21

अशुभ समय

राहुकाल
08:17 – 09:50
यमगंड
11:23 – 12:57
गुलिक काल
14:30 – 16:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4307:45दिन
शनि07:4508:48दिन
गुरु08:4809:50दिन
मंगल09:5010:52दिन
सूर्य10:5211:54दिन
शुक्र11:5412:57दिन
बुध12:5713:59दिन
चंद्र13:5915:01दिन
शनि15:0116:03दिन
गुरु16:0317:06दिन
मंगल17:0618:08दिन
सूर्य18:0819:10दिन
शुक्र19:1020:08रात
बुध20:0821:05रात
चंद्र21:0522:03रात
शनि22:0323:01रात
गुरु23:0123:58रात
मंगल23:5800:56रात
सूर्य00:5601:54रात
शुक्र01:5402:52रात
बुध02:5203:49रात
चंद्र03:4904:47रात
शनि04:4705:45रात
गुरु05:4506:42रात

अयनांश 24.2378° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।