6 अप्रैल 2027 को द्वारका का चौघड़िया

मंगलवार, 6 अप्रैल 2027, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 6 अप्रैल 2027 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (05:21, 7 अप्रैल तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (18:23 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 19:10 पर है। राहुकाल 16:03 से 17:37 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 19:10
रात 06:41 तक
तिथि
अमावस्या, 05:21 तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 18:23 तक
रेवती
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:42 – 08:16टालें
उद्वेग08:16 – 09:49टालें
चर09:49 – 11:23सामान्य
लाभ11:23 – 12:56शुभ
अमृत12:56 – 14:30शुभ
काल14:30 – 16:03टालें
शुभ16:03 – 17:37शुभ
रोग17:37 – 19:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:10 – 20:37टालें
लाभ20:37 – 22:03शुभ
उद्वेग22:03 – 23:29टालें
शुभ23:29 – 00:56शुभ
अमृत00:56 – 02:22शुभ
चर02:22 – 03:49सामान्य
रोग03:49 – 05:15टालें
काल05:15 – 06:41टालें

6 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
अमावस्या 05:21, 7 अप्रैल तक
शुक्ल प्रतिपदा 04:29, 8 अप्रैल तक
नक्षत्र
रेवती 18:25, 7 अप्रैल तक
योग
ब्रह्म 08:51 तक
इंद्र 07:26, 7 अप्रैल तक
करण
चतुष्पद 17:35 तक
नाग 05:21, 7 अप्रैल तक
किंस्तुघ्न 16:58, 7 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
19:10
चंद्रोदय
05:59
चंद्रास्त
18:42
दिनमान
12h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 05:56
अभिजीत मुहूर्त
12:31 – 13:21

अशुभ समय

राहुकाल
16:03 – 17:37
यमगंड
09:49 – 11:23
गुलिक काल
12:56 – 14:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:4207:45दिन
सूर्य07:4508:47दिन
शुक्र08:4709:49दिन
बुध09:4910:52दिन
चंद्र10:5211:54दिन
शनि11:5412:56दिन
गुरु12:5613:59दिन
मंगल13:5915:01दिन
सूर्य15:0116:03दिन
शुक्र16:0317:06दिन
बुध17:0618:08दिन
चंद्र18:0819:10दिन
शनि19:1020:08रात
गुरु20:0821:06रात
मंगल21:0622:03रात
सूर्य22:0323:01रात
शुक्र23:0123:58रात
बुध23:5800:56रात
चंद्र00:5601:53रात
शनि01:5302:51रात
गुरु02:5103:49रात
मंगल03:4904:46रात
सूर्य04:4605:44रात
शुक्र05:4406:41रात

अयनांश 24.2379° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।