8 अक्टूबर 2027 को द्वारका का चौघड़िया

शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (09:02, 9 अक्टू॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (07:14 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 18:35 पर है। राहुकाल 11:13 से 12:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 18:35
रात 06:48 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:47 – 08:16सामान्य
लाभ08:16 – 09:44शुभ
अमृत09:44 – 11:13शुभ
काल11:13 – 12:41टालें
शुभ12:41 – 14:10शुभ
रोग14:10 – 15:38टालें
उद्वेग15:38 – 17:07टालें
चर17:07 – 18:35सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:35 – 20:07टालें
काल20:07 – 21:38टालें
लाभ21:38 – 23:10शुभ
उद्वेग23:10 – 00:41टालें
शुभ00:41 – 02:13शुभ
अमृत02:13 – 03:44शुभ
चर03:44 – 05:16सामान्य
रोग05:16 – 06:48टालें

8 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल नवमी 09:02, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 10:18, 9 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 12:52 तक
सुकर्मा 13:52, 9 अक्टू॰ तक
करण
बालव 19:43 तक
कौलव 09:02, 9 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 13:59 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
18:35
चंद्रोदय
14:12
चंद्रास्त
00:23
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
12:18 – 13:05

अशुभ समय

राहुकाल
11:13 – 12:41
यमगंड
15:38 – 17:07
गुलिक काल
08:16 – 09:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4707:46दिन
बुध07:4608:45दिन
चंद्र08:4509:44दिन
शनि09:4410:43दिन
गुरु10:4311:42दिन
मंगल11:4212:41दिन
सूर्य12:4113:40दिन
शुक्र13:4014:39दिन
बुध14:3915:38दिन
चंद्र15:3816:37दिन
शनि16:3717:36दिन
गुरु17:3618:35दिन
मंगल18:3519:36रात
सूर्य19:3620:37रात
शुक्र20:3721:38रात
बुध21:3822:39रात
चंद्र22:3923:40रात
शनि23:4000:41रात
गुरु00:4101:42रात
मंगल01:4202:43रात
सूर्य02:4303:44रात
शुक्र03:4404:45रात
बुध04:4505:46रात
चंद्र05:4606:48रात

अयनांश 24.2449° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।