10 जनवरी 2028 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 10 जनवरी 2028, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 10 जनवरी 2028 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (15:36 तक), नक्षत्र मृगशिरा (00:15, 11 जन॰ तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 07:35 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 08:56 से 10:18 तक है।

दिन और रात
दिन 07:35 – 18:27
रात 07:35 तक
तिथि
त्रयोदशी, 15:36 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 00:15 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:35 – 08:56शुभ
काल08:56 – 10:18टालें
शुभ10:18 – 11:39शुभ
रोग11:39 – 13:01टालें
उद्वेग13:01 – 14:22टालें
चर14:22 – 15:44सामान्य
लाभ15:44 – 17:05शुभ
अमृत17:05 – 18:27शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:27 – 20:05सामान्य
रोग20:05 – 21:44टालें
काल21:44 – 23:22टालें
लाभ23:22 – 01:01शुभ
उद्वेग01:01 – 02:40टालें
शुभ02:40 – 04:18शुभ
अमृत04:18 – 05:57शुभ
चर05:57 – 07:35सामान्य

10 जनवरी 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 15:36 तक
शुक्ल चतुर्दशी 12:46, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
मृगशिरा 00:15, 11 जन॰ तक
आर्द्रा 21:57, 11 जन॰ तक
योग
ब्रह्म 01:36, 11 जन॰ तक
इंद्र 21:53, 11 जन॰ तक
करण
तैतिल 15:36 तक
गर 02:14, 11 जन॰ तक
वणिज 12:46, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 13:14 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:35
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
16:33
चंद्रास्त
05:38
दिनमान
10h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:50 – 06:42
अभिजीत मुहूर्त
12:39 – 13:23

अशुभ समय

राहुकाल
08:56 – 10:18
यमगंड
11:39 – 13:01
गुलिक काल
14:22 – 15:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:3508:29दिन
शनि08:2909:24दिन
गुरु09:2410:18दिन
मंगल10:1811:12दिन
सूर्य11:1212:07दिन
शुक्र12:0713:01दिन
बुध13:0113:55दिन
चंद्र13:5514:50दिन
शनि14:5015:44दिन
गुरु15:4416:38दिन
मंगल16:3817:33दिन
सूर्य17:3318:27दिन
शुक्र18:2719:33रात
बुध19:3320:38रात
चंद्र20:3821:44रात
शनि21:4422:50रात
गुरु22:5023:55रात
मंगल23:5501:01रात
सूर्य01:0102:07रात
शुक्र02:0703:12रात
बुध03:1204:18रात
चंद्र04:1805:24रात
शनि05:2406:29रात
गुरु06:2907:35रात

अयनांश 24.2485° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।