19 फ़रवरी 2028 को द्वारका का चौघड़िया

शनिवार, 19 फ़रवरी 2028, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 19 फ़रवरी 2028 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (03:48, 20 फ़र॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (15:01 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 07:23 पर और सूर्यास्त 18:52 पर है। राहुकाल 10:15 से 11:41 तक है।

दिन और रात
दिन 07:23 – 18:52
रात 07:22 तक
तिथि
दशमी, 03:48 तक
एकादशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 15:01 तक
मूल
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:23 – 08:49टालें
शुभ08:49 – 10:15शुभ
रोग10:15 – 11:41टालें
उद्वेग11:41 – 13:08टालें
चर13:08 – 14:34सामान्य
लाभ14:34 – 16:00शुभ
अमृत16:00 – 17:26शुभ
काल17:26 – 18:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:52 – 20:26शुभ
उद्वेग20:26 – 22:00टालें
शुभ22:00 – 23:34शुभ
अमृत23:34 – 01:07शुभ
चर01:07 – 02:41सामान्य
रोग02:41 – 04:15टालें
काल04:15 – 05:48टालें
लाभ05:48 – 07:22शुभ

19 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण दशमी 03:48, 20 फ़र॰ तक
कृष्ण एकादशी 05:46, 21 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मूल 17:13, 20 फ़र॰ तक
योग
हर्षण 16:13 तक
वज्रअशुभ 16:26, 20 फ़र॰ तक
करण
वणिज 15:01 तक
विष्टि (भद्रा) 03:48, 20 फ़र॰ तक
बव 16:44, 20 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:23
सूर्यास्त
18:52
चंद्रोदय
02:54
चंद्रास्त
13:42
दिनमान
11h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:43 – 06:33
अभिजीत मुहूर्त
12:45 – 13:31

अशुभ समय

राहुकाल
10:15 – 11:41
यमगंड
14:34 – 16:00
गुलिक काल
07:23 – 08:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:2308:20दिन
गुरु08:2009:18दिन
मंगल09:1810:15दिन
सूर्य10:1511:13दिन
शुक्र11:1312:10दिन
बुध12:1013:08दिन
चंद्र13:0814:05दिन
शनि14:0515:03दिन
गुरु15:0316:00दिन
मंगल16:0016:57दिन
सूर्य16:5717:55दिन
शुक्र17:5518:52दिन
बुध18:5219:55रात
चंद्र19:5520:57रात
शनि20:5722:00रात
गुरु22:0023:02रात
मंगल23:0200:05रात
सूर्य00:0501:07रात
शुक्र01:0702:10रात
बुध02:1003:12रात
चंद्र03:1204:15रात
शनि04:1505:17रात
गुरु05:1706:20रात
मंगल06:2007:22रात

अयनांश 24.2501° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।