1 मार्च 2028 को द्वारका का चौघड़िया

बुधवार, 1 मार्च 2028, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 1 मार्च 2028 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (01:56, 2 मार्च तक), नक्षत्र अश्विनी (17:53 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 18:58 पर है। राहुकाल 13:06 से 14:34 तक है।

दिन और रात
दिन 07:15 – 18:58
रात 07:14 तक
तिथि
पंचमी, 01:56 तक
षष्ठी
नक्षत्र
अश्विनी, 17:53 तक
भरणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:15 – 08:42शुभ
अमृत08:42 – 10:10शुभ
काल10:10 – 11:38टालें
शुभ11:38 – 13:06शुभ
रोग13:06 – 14:34टालें
उद्वेग14:34 – 16:02टालें
चर16:02 – 17:30सामान्य
लाभ17:30 – 18:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:58 – 20:30टालें
शुभ20:30 – 22:02शुभ
अमृत22:02 – 23:34शुभ
चर23:34 – 01:06सामान्य
रोग01:06 – 02:38टालें
काल02:38 – 04:10टालें
लाभ04:10 – 05:42शुभ
उद्वेग05:42 – 07:14टालें

1 मार्च 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 01:56, 2 मार्च तक
शुक्ल षष्ठी 02:38, 3 मार्च तक
नक्षत्र
भरणी 19:19, 2 मार्च तक
योग
ब्रह्म 22:53 तक
इंद्र 22:21, 2 मार्च तक
करण
बव 13:23 तक
बालव 01:56, 2 मार्च तक
कौलव 14:22, 2 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:15
सूर्यास्त
18:58
चंद्रोदय
09:44
चंद्रास्त
23:12
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:36 – 06:25
अभिजीत मुहूर्त
12:43 – 13:29 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
13:06 – 14:34
यमगंड
08:42 – 10:10
गुलिक काल
11:38 – 13:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1508:13दिन
चंद्र08:1309:12दिन
शनि09:1210:10दिन
गुरु10:1011:09दिन
मंगल11:0912:07दिन
सूर्य12:0713:06दिन
शुक्र13:0614:05दिन
बुध14:0515:03दिन
चंद्र15:0316:02दिन
शनि16:0217:00दिन
गुरु17:0017:59दिन
मंगल17:5918:58दिन
सूर्य18:5819:59रात
शुक्र19:5921:00रात
बुध21:0022:02रात
चंद्र22:0223:03रात
शनि23:0300:04रात
गुरु00:0401:06रात
मंगल01:0602:07रात
सूर्य02:0703:08रात
शुक्र03:0804:10रात
बुध04:1005:11रात
चंद्र05:1106:12रात
शनि06:1207:14रात

अयनांश 24.2505° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।