22 अक्टूबर 2028 को द्वारका का चौघड़िया

रविवार, 22 अक्टूबर 2028, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 22 अक्टूबर 2028 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (20:54 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (11:01 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:53 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 16:57 से 18:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:53 – 18:23
रात 06:53 तक
तिथि
पंचमी, 20:54 तक
षष्ठी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 11:01 तक
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:53 – 08:19टालें
चर08:19 – 09:45सामान्य
लाभ09:45 – 11:12शुभ
अमृत11:12 – 12:38शुभ
काल12:38 – 14:04टालें
शुभ14:04 – 15:30शुभ
रोग15:30 – 16:57टालें
उद्वेग16:57 – 18:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:23 – 19:57शुभ
अमृत19:57 – 21:31शुभ
चर21:31 – 23:04सामान्य
रोग23:04 – 00:38टालें
काल00:38 – 02:12टालें
लाभ02:12 – 03:46शुभ
उद्वेग03:46 – 05:20टालें
शुभ05:20 – 06:53शुभ

22 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 20:54 तक
शुक्ल षष्ठी 20:53, 23 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 11:16, 23 अक्टू॰ तक
योग
शोभन 13:39 तक
अतिगंडअशुभ 12:16, 23 अक्टू॰ तक
करण
बव 09:15 तक
बालव 20:54 तक
कौलव 08:47, 23 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:53
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
11:09
चंद्रास्त
22:04
दिनमान
11h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:13 – 06:03
अभिजीत मुहूर्त
12:15 – 13:01

अशुभ समय

राहुकाल
16:57 – 18:23
यमगंड
12:38 – 14:04
गुलिक काल
15:30 – 16:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:5307:50दिन
शुक्र07:5008:48दिन
बुध08:4809:45दिन
चंद्र09:4510:43दिन
शनि10:4311:40दिन
गुरु11:4012:38दिन
मंगल12:3813:35दिन
सूर्य13:3514:33दिन
शुक्र14:3315:30दिन
बुध15:3016:28दिन
चंद्र16:2817:25दिन
शनि17:2518:23दिन
गुरु18:2319:25रात
मंगल19:2520:28रात
सूर्य20:2821:31रात
शुक्र21:3122:33रात
बुध22:3323:36रात
चंद्र23:3600:38रात
शनि00:3801:41रात
गुरु01:4102:43रात
मंगल02:4303:46रात
सूर्य03:4604:48रात
शुक्र04:4805:51रात
बुध05:5106:53रात

अयनांश 24.2595° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।