31 अक्टूबर 2028 को द्वारका का चौघड़िया

मंगलवार, 31 अक्टूबर 2028, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 31 अक्टूबर 2028 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (11:09 तक), नक्षत्र रेवती (06:54, 1 नव॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 15:27 से 16:52 तक है।

दिन और रात
दिन 06:57 – 18:17
रात 06:58 तक
तिथि
त्रयोदशी, 11:09 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
रेवती, 06:54 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:57 – 08:22टालें
उद्वेग08:22 – 09:47टालें
चर09:47 – 11:12सामान्य
लाभ11:12 – 12:37शुभ
अमृत12:37 – 14:02शुभ
काल14:02 – 15:27टालें
शुभ15:27 – 16:52शुभ
रोग16:52 – 18:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:17 – 19:52टालें
लाभ19:52 – 21:27शुभ
उद्वेग21:27 – 23:02टालें
शुभ23:02 – 00:37शुभ
अमृत00:37 – 02:12शुभ
चर02:12 – 03:48सामान्य
रोग03:48 – 05:23टालें
काल05:23 – 06:58टालें

31 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 11:09 तक
शुक्ल चतुर्दशी 13:08, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 06:54, 1 नव॰ तक
अश्विनी 09:09, 2 नव॰ तक
योग
हर्षण 15:48 तक
वज्रअशुभ 16:14, 1 नव॰ तक
करण
तैतिल 11:09 तक
गर 00:11, 1 नव॰ तक
वणिज 13:08, 1 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 06:54, 1 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:57
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
16:49
चंद्रास्त
05:03
दिनमान
11h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:16 – 06:07
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
15:27 – 16:52
यमगंड
09:47 – 11:12
गुलिक काल
12:37 – 14:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5707:54दिन
सूर्य07:5408:51दिन
शुक्र08:5109:47दिन
बुध09:4710:44दिन
चंद्र10:4411:40दिन
शनि11:4012:37दिन
गुरु12:3713:34दिन
मंगल13:3414:30दिन
सूर्य14:3015:27दिन
शुक्र15:2716:24दिन
बुध16:2417:20दिन
चंद्र17:2018:17दिन
शनि18:1719:20रात
गुरु19:2020:24रात
मंगल20:2421:27रात
सूर्य21:2722:31रात
शुक्र22:3123:34रात
बुध23:3400:37रात
चंद्र00:3701:41रात
शनि01:4102:44रात
गुरु02:4403:48रात
मंगल03:4804:51रात
सूर्य04:5105:54रात
शुक्र05:5406:58रात

अयनांश 24.2598° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।