25 दिसंबर 2028 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 25 दिसंबर 2028, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 25 दिसंबर 2028 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (18:54 तक), नक्षत्र रेवती (22:51 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 07:30 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 08:51 से 10:12 तक है।

दिन और रात
दिन 07:30 – 18:17
रात 07:31 तक
तिथि
नवमी, 18:54 तक
दशमी
नक्षत्र
रेवती, 22:51 तक
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:30 – 08:51शुभ
काल08:51 – 10:12टालें
शुभ10:12 – 11:33शुभ
रोग11:33 – 12:54टालें
उद्वेग12:54 – 14:15टालें
चर14:15 – 15:36सामान्य
लाभ15:36 – 16:56शुभ
अमृत16:56 – 18:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:17 – 19:56सामान्य
रोग19:56 – 21:36टालें
काल21:36 – 23:15टालें
लाभ23:15 – 00:54शुभ
उद्वेग00:54 – 02:33टालें
शुभ02:33 – 04:13शुभ
अमृत04:13 – 05:52शुभ
चर05:52 – 07:31सामान्य

25 दिसंबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल नवमी 18:54 तक
शुक्ल दशमी 20:56, 26 दिस॰ तक
नक्षत्र
रेवती 22:51 तक
अश्विनी 01:16, 27 दिस॰ तक
योग
परिघअशुभ 04:38, 26 दिस॰ तक
शिव 04:56, 27 दिस॰ तक
करण
कौलव 18:54 तक
तैतिल 07:59, 26 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मीन 22:51 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:30
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
13:20
चंद्रास्त
01:37
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:45 – 06:38
अभिजीत मुहूर्त
12:32 – 13:15

अशुभ समय

राहुकाल
08:51 – 10:12
यमगंड
11:33 – 12:54
गुलिक काल
14:15 – 15:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:3008:24दिन
शनि08:2409:18दिन
गुरु09:1810:12दिन
मंगल10:1211:06दिन
सूर्य11:0612:00दिन
शुक्र12:0012:54दिन
बुध12:5413:48दिन
चंद्र13:4814:42दिन
शनि14:4215:36दिन
गुरु15:3616:29दिन
मंगल16:2917:23दिन
सूर्य17:2318:17दिन
शुक्र18:1719:23रात
बुध19:2320:30रात
चंद्र20:3021:36रात
शनि21:3622:42रात
गुरु22:4223:48रात
मंगल23:4800:54रात
सूर्य00:5402:00रात
शुक्र02:0003:06रात
बुध03:0604:13रात
चंद्र04:1305:19रात
शनि05:1906:25रात
गुरु06:2507:31रात

अयनांश 24.2619° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।