1 जनवरी 2029 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 1 जनवरी 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 1 जनवरी 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (20:53 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (03:57, 2 जन॰ तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 07:33 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 08:54 से 10:15 तक है।

दिन और रात
दिन 07:33 – 18:21
रात 07:33 तक
तिथि
प्रतिपदा, 20:53 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पुनर्वसु, 03:57 तक
पुष्य
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:33 – 08:54शुभ
काल08:54 – 10:15टालें
शुभ10:15 – 11:36शुभ
रोग11:36 – 12:57टालें
उद्वेग12:57 – 14:18टालें
चर14:18 – 15:39सामान्य
लाभ15:39 – 17:00शुभ
अमृत17:00 – 18:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:21 – 20:00सामान्य
रोग20:00 – 21:39टालें
काल21:39 – 23:18टालें
लाभ23:18 – 00:57शुभ
उद्वेग00:57 – 02:36टालें
शुभ02:36 – 04:15शुभ
अमृत04:15 – 05:54शुभ
चर05:54 – 07:33सामान्य

1 जनवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 20:53 तक
कृष्ण द्वितीया 19:06, 2 जन॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 03:57, 2 जन॰ तक
पुष्य 02:44, 3 जन॰ तक
योग
इंद्र 21:12 तक
वैधृतिअशुभ 18:32, 2 जन॰ तक
करण
बालव 09:39 तक
कौलव 20:53 तक
तैतिल 08:02, 2 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 22:12 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:33
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
19:09
चंद्रास्त
07:57
दिनमान
10h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:47 – 06:40
अभिजीत मुहूर्त
12:36 – 13:19

अशुभ समय

राहुकाल
08:54 – 10:15
यमगंड
11:36 – 12:57
गुलिक काल
14:18 – 15:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:3308:27दिन
शनि08:2709:21दिन
गुरु09:2110:15दिन
मंगल10:1511:09दिन
सूर्य11:0912:03दिन
शुक्र12:0312:57दिन
बुध12:5713:51दिन
चंद्र13:5114:45दिन
शनि14:4515:39दिन
गुरु15:3916:33दिन
मंगल16:3317:27दिन
सूर्य17:2718:21दिन
शुक्र18:2119:27रात
बुध19:2720:33रात
चंद्र20:3321:39रात
शनि21:3922:45रात
गुरु22:4523:51रात
मंगल23:5100:57रात
सूर्य00:5702:03रात
शुक्र02:0303:09रात
बुध03:0904:15रात
चंद्र04:1505:21रात
शनि05:2106:27रात
गुरु06:2707:33रात

अयनांश 24.2622° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।