23 जनवरी 2029 को द्वारका का चौघड़िया

मंगलवार, 23 जनवरी 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 23 जनवरी 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (13:57 तक), नक्षत्र अश्विनी (09:56 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 07:35 पर और सूर्यास्त 18:36 पर है। राहुकाल 15:51 से 17:14 तक है।

दिन और रात
दिन 07:35 – 18:36
रात 07:34 तक
तिथि
अष्टमी, 13:57 तक
नवमी
नक्षत्र
भरणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:35 – 08:57टालें
उद्वेग08:57 – 10:20टालें
चर10:20 – 11:43सामान्य
लाभ11:43 – 13:06शुभ
अमृत13:06 – 14:28शुभ
काल14:28 – 15:51टालें
शुभ15:51 – 17:14शुभ
रोग17:14 – 18:36टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:36 – 20:14टालें
लाभ20:14 – 21:51शुभ
उद्वेग21:51 – 23:28टालें
शुभ23:28 – 01:05शुभ
अमृत01:05 – 02:43शुभ
चर02:43 – 04:20सामान्य
रोग04:20 – 05:57टालें
काल05:57 – 07:34टालें

23 जनवरी 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 13:57 तक
शुक्ल नवमी 15:43, 24 जन॰ तक
नक्षत्र
भरणी 12:15, 24 जन॰ तक
योग
साध्य 11:26 तक
शुभ 11:42, 24 जन॰ तक
करण
बव 13:57 तक
बालव 02:54, 24 जन॰ तक
कौलव 15:43, 24 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:35
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
12:30
चंद्रास्त
01:09
दिनमान
11h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:51 – 06:43
अभिजीत मुहूर्त
12:44 – 13:28

अशुभ समय

राहुकाल
15:51 – 17:14
यमगंड
10:20 – 11:43
गुलिक काल
13:06 – 14:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:3508:30दिन
सूर्य08:3009:25दिन
शुक्र09:2510:20दिन
बुध10:2011:15दिन
चंद्र11:1512:10दिन
शनि12:1013:06दिन
गुरु13:0614:01दिन
मंगल14:0114:56दिन
सूर्य14:5615:51दिन
शुक्र15:5116:46दिन
बुध16:4617:41दिन
चंद्र17:4118:36दिन
शनि18:3619:41रात
गुरु19:4120:46रात
मंगल20:4621:51रात
सूर्य21:5122:56रात
शुक्र22:5600:01रात
बुध00:0101:05रात
चंद्र01:0502:10रात
शनि02:1003:15रात
गुरु03:1504:20रात
मंगल04:2005:25रात
सूर्य05:2506:30रात
शुक्र06:3007:34रात

अयनांश 24.2630° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।