10 फ़रवरी 2029 को द्वारका का चौघड़िया

शनिवार, 10 फ़रवरी 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 10 फ़रवरी 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (12:49 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (22:25 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 07:28 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 10:18 से 11:43 तक है।

दिन और रात
दिन 07:28 – 18:48
रात 07:27 तक
तिथि
द्वादशी, 12:49 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 22:25 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:28 – 08:53टालें
शुभ08:53 – 10:18शुभ
रोग10:18 – 11:43टालें
उद्वेग11:43 – 13:08टालें
चर13:08 – 14:33सामान्य
लाभ14:33 – 15:58शुभ
अमृत15:58 – 17:23शुभ
काल17:23 – 18:48टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:48 – 20:23शुभ
उद्वेग20:23 – 21:58टालें
शुभ21:58 – 23:33शुभ
अमृत23:33 – 01:08शुभ
चर01:08 – 02:43सामान्य
रोग02:43 – 04:18टालें
काल04:18 – 05:52टालें
लाभ05:52 – 07:27शुभ

10 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 12:49 तक
कृष्ण त्रयोदशी 13:30, 11 फ़र॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 23:48, 11 फ़र॰ तक
योग
वज्रअशुभ 14:19 तक
सिद्धि 13:42, 11 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 12:49 तक
गर 01:07, 11 फ़र॰ तक
वणिज 13:30, 11 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
धनु 04:44, 11 फ़र॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:28
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
05:04
चंद्रास्त
16:08
दिनमान
11h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:47 – 06:37
अभिजीत मुहूर्त
12:45 – 13:31

अशुभ समय

राहुकाल
10:18 – 11:43
यमगंड
14:33 – 15:58
गुलिक काल
07:28 – 08:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:2808:25दिन
गुरु08:2509:21दिन
मंगल09:2110:18दिन
सूर्य10:1811:15दिन
शुक्र11:1512:11दिन
बुध12:1113:08दिन
चंद्र13:0814:05दिन
शनि14:0515:01दिन
गुरु15:0115:58दिन
मंगल15:5816:55दिन
सूर्य16:5517:51दिन
शुक्र17:5118:48दिन
बुध18:4819:51रात
चंद्र19:5120:54रात
शनि20:5421:58रात
गुरु21:5823:01रात
मंगल23:0100:04रात
सूर्य00:0401:08रात
शुक्र01:0802:11रात
बुध02:1103:14रात
चंद्र03:1404:18रात
शनि04:1805:21रात
गुरु05:2106:24रात
मंगल06:2407:27रात

अयनांश 24.2637° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।