12 फ़रवरी 2029 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 12 फ़रवरी 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 12 फ़रवरी 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (14:34 तक), नक्षत्र श्रवण (01:34, 13 फ़र॰ तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 07:27 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 08:52 से 10:17 तक है।

दिन और रात
दिन 07:27 – 18:49
रात 07:26 तक
तिथि
चतुर्दशी, 14:34 तक
अमावस्या
नक्षत्र
श्रवण, 01:34 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:27 – 08:52शुभ
काल08:52 – 10:17टालें
शुभ10:17 – 11:43शुभ
रोग11:43 – 13:08टालें
उद्वेग13:08 – 14:33टालें
चर14:33 – 15:58सामान्य
लाभ15:58 – 17:24शुभ
अमृत17:24 – 18:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:49 – 20:24सामान्य
रोग20:24 – 21:58टालें
काल21:58 – 23:33टालें
लाभ23:33 – 01:08शुभ
उद्वेग01:08 – 02:42टालें
शुभ02:42 – 04:17शुभ
अमृत04:17 – 05:52शुभ
चर05:52 – 07:26सामान्य

12 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 14:34 तक
अमावस्या 16:01, 13 फ़र॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 01:34, 13 फ़र॰ तक
धनिष्ठा 03:40, 14 फ़र॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 13:23 तक
वरीयान 13:21, 13 फ़र॰ तक
करण
शकुनि 14:34 तक
चतुष्पद 03:15, 13 फ़र॰ तक
नाग 16:01, 13 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:27
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
06:30
चंद्रास्त
18:00
दिनमान
11h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:46 – 06:36
अभिजीत मुहूर्त
12:45 – 13:31

अशुभ समय

राहुकाल
08:52 – 10:17
यमगंड
11:43 – 13:08
गुलिक काल
14:33 – 15:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:2708:24दिन
शनि08:2409:21दिन
गुरु09:2110:17दिन
मंगल10:1711:14दिन
सूर्य11:1412:11दिन
शुक्र12:1113:08दिन
बुध13:0814:05दिन
चंद्र14:0515:02दिन
शनि15:0215:58दिन
गुरु15:5816:55दिन
मंगल16:5517:52दिन
सूर्य17:5218:49दिन
शुक्र18:4919:52रात
बुध19:5220:55रात
चंद्र20:5521:58रात
शनि21:5823:01रात
गुरु23:0100:05रात
मंगल00:0501:08रात
सूर्य01:0802:11रात
शुक्र02:1103:14रात
बुध03:1404:17रात
चंद्र04:1705:20रात
शनि05:2006:23रात
गुरु06:2307:26रात

अयनांश 24.2638° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।