18 मार्च 2029 को द्वारका का चौघड़िया

रविवार, 18 मार्च 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 18 मार्च 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (17:14 तक), नक्षत्र अश्विनी (00:11, 19 मार्च तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 07:00 पर और सूर्यास्त 19:04 पर है। राहुकाल 17:33 से 19:04 तक है।

दिन और रात
दिन 07:00 – 19:04
रात 06:59 तक
तिथि
तृतीया, 17:14 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
अश्विनी, 00:11 तक
भरणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:00 – 08:30टालें
चर08:30 – 10:01सामान्य
लाभ10:01 – 11:31शुभ
अमृत11:31 – 13:02शुभ
काल13:02 – 14:32टालें
शुभ14:32 – 16:03शुभ
रोग16:03 – 17:33टालें
उद्वेग17:33 – 19:04टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:04 – 20:33शुभ
अमृत20:33 – 22:03शुभ
चर22:03 – 23:32सामान्य
रोग23:32 – 01:01टालें
काल01:01 – 02:31टालें
लाभ02:31 – 04:00शुभ
उद्वेग04:00 – 05:29टालें
शुभ05:29 – 06:59शुभ

18 मार्च 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 17:14 तक
शुक्ल चतुर्थी 19:38, 19 मार्च तक
नक्षत्र
अश्विनी 00:11, 19 मार्च तक
भरणी 03:01, 20 मार्च तक
योग
इंद्र 22:36 तक
वैधृतिअशुभ 23:23, 19 मार्च तक
करण
गर 17:14 तक
वणिज 06:27, 19 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 19:38, 19 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:00
सूर्यास्त
19:04
चंद्रोदय
08:28
चंद्रास्त
21:48
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:24 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
12:38 – 13:26

अशुभ समय

राहुकाल
17:33 – 19:04
यमगंड
13:02 – 14:32
गुलिक काल
16:03 – 17:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:0008:00दिन
शुक्र08:0009:00दिन
बुध09:0010:01दिन
चंद्र10:0111:01दिन
शनि11:0112:01दिन
गुरु12:0113:02दिन
मंगल13:0214:02दिन
सूर्य14:0215:03दिन
शुक्र15:0316:03दिन
बुध16:0317:03दिन
चंद्र17:0318:04दिन
शनि18:0419:04दिन
गुरु19:0420:04रात
मंगल20:0421:03रात
सूर्य21:0322:03रात
शुक्र22:0323:02रात
बुध23:0200:02रात
चंद्र00:0201:01रात
शनि01:0102:01रात
गुरु02:0103:00रात
मंगल03:0004:00रात
सूर्य04:0005:00रात
शुक्र05:0005:59रात
बुध05:5906:59रात

अयनांश 24.2651° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।